श्रीराम जन्मभूमि पर राम मंदिर का मुख्य निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अब निर्माण कंपनियों के अंतिम भुगतान की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। भुगतान से पहले कंपनियों की ओर से पेश किए गए अंतिम बिलों की विस्तृत जांच कराई जाएगी। इसके लिए करीब 60 से 70 फीसदी अंतिम बिलों का थर्ड पार्टी ऑडिट कराने का फैसला लिया गया है।
राम मंदिर निर्माण समिति की लगातार दो दिन हुई बैठकों में अंतिम भुगतान के साथ मंदिर और उससे जुड़े निर्माण की दीर्घकालिक गुणवत्ता को लेकर भी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र के अनुसार, पिछले करीब पांच वर्षों से निर्माण कंपनियों को उनके कार्य के आधार पर भुगतान किया जाता रहा है। अब मुख्य निर्माण पूरा होने के बाद बकाया अंतिम बिलों के निपटारे की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
EIL करेगी अंतिम बिलों का ऑडिट
अंतिम भुगतान में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL) को थर्ड पार्टी ऑडिट की जिम्मेदारी दी गई है। कंपनियों के अंतिम बिलों की जांच उनके स्वीकृत ऑर्डर, किए गए कार्य और भुगतान के दावों के आधार पर की जाएगी।
ऑडिट की पूरी प्रक्रिया करीब दो महीने में पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर ही अंतिम भुगतान की कार्रवाई आगे बढ़ेगी।
निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भी फैसला
बैठक में भविष्य में किसी तकनीकी समस्या की स्थिति में निर्माण कंपनियों की जवाबदेही तय करने के लिए बैंक गारंटी लेने का भी निर्णय लिया गया है। प्रत्येक निर्माण कंपनी से बैंक गारंटी ली जाएगी। इसकी राशि और शर्तों को लेकर समिति ने चर्चा की है।
इसका उद्देश्य मंदिर और उससे जुड़े निर्माण की गुणवत्ता को लंबे समय तक बनाए रखना और जरूरत पड़ने पर संबंधित कंपनियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
राम कथा संग्रहालय में बनेंगी 20 गैलरियां
राम कथा संग्रहालय परिसर में ऑडिटोरियम का निर्माण अभी जारी है। काम की रफ्तार फिलहाल धीमी बताई गई है और इसे जनवरी-फरवरी तक पूरा करने का लक्ष्य है।
संग्रहालय में कुल 20 गैलरियां विकसित की जा रही हैं। इनके विषय और स्टोरीलाइन पहले ही तय की जा चुकी हैं। इन गैलरियों में आधुनिक तकनीक के माध्यम से वीडियो और डिजिटल प्रस्तुतियां तैयार की जाएंगी।
इसके लिए 10 अक्तूबर तक टेंडर जारी करने और अक्तूबर के अंत तक प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद कंटेंट तैयार करने का काम शुरू होगा, जिसे करीब छह महीने में पूरा करने की योजना है।
हनुमान गैलरी तैयार, राम मंदिर आंदोलन का इतिहास भी दिखेगा
संग्रहालय में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सहयोग से तैयार की गई हनुमान जी पर आधारित गैलरी बनकर तैयार हो चुकी है।
वहीं, एक अन्य गैलरी में राम मंदिर आंदोलन के करीब 500 वर्षों के इतिहास और इससे जुड़ी कानूनी प्रक्रिया को प्रदर्शित किया जाएगा। इसमें आंदोलन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों और न्यायालय की भूमिका को भी दिखाया जाएगा। इसके अलावा पुरातात्विक अवशेषों को भी संग्रहालय का हिस्सा बनाया जाएगा।
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