भारत और बांग्लादेश के बीच तनावपूर्ण संबंधों का असर अब बिम्सटेक देशों की पहली गृह मंत्री स्तरीय बैठक पर भी दिखाई दे रहा है। बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने नई दिल्ली में होने वाली इस बैठक में शामिल नहीं होने का फैसला किया है। उनकी जगह वरिष्ठ अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल बांग्लादेश का प्रतिनिधित्व करेगा।
वरिष्ठ अधिकारी करेंगे बांग्लादेश का प्रतिनिधित्व
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बांग्लादेश के गृह मामलों के वरिष्ठ सचिव मंजूर मोर्शेद चौधरी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। उनके साथ विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव एकेएम शाहिदुल करीम और संयुक्त सचिव रेबेका खान भी शामिल होंगे। दो दिवसीय बैठक में सदस्य देशों के वरिष्ठ अधिकारी क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
सात देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल
बिम्सटेक में भारत, बांग्लादेश, भूटान, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड शामिल हैं। मंगलवार को होने वाली गृह मंत्री स्तरीय बैठक में भूटान, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। बैठक का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना है।
आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय अपराधों पर होगी चर्चा
बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय अपराधों से निपटने के लिए साझा रणनीति पर विचार किया जाएगा। इसके अलावा कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने और खुफिया जानकारी साझा करने की व्यवस्था को मजबूत करने पर भी चर्चा होगी।
भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव के बीच बैठक
अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के सत्ता से हटने के बाद भारत और बांग्लादेश के संबंधों में तनाव देखने को मिला है। हसीना की भारत में मौजूदगी और उनके प्रत्यर्पण की बांग्लादेश की मांग भी दोनों देशों के बीच विवाद के प्रमुख मुद्दों में शामिल है।
इससे पहले बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में हिस्सा नहीं लिया था। अब बिम्सटेक बैठक में बांग्लादेश के गृह मंत्री की अनुपस्थिति को दोनों देशों के मौजूदा संबंधों के संदर्भ में देखा जा रहा है।
क्या है बिम्सटेक?
बिम्सटेक यानी ‘बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन’ बंगाल की खाड़ी क्षेत्र के सात देशों का क्षेत्रीय संगठन है। इसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच आर्थिक, तकनीकी और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देना है। बांग्लादेश ने अप्रैल 2025 में संगठन की अध्यक्षता संभाली थी।
गृह मंत्रियों की यह पहली बैठक सदस्य देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने और साझा चुनौतियों से निपटने के लिए आपसी तालमेल बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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