त्योहारों के सीजन से पहले आम आदमी की रसोई पर महंगाई का दबाव बढ़ता जा रहा है। चीनी के बाद अब प्याज की कीमतों में भी तेज उछाल देखने को मिल रहा है। इसके साथ ही खाद्य तेल, तुअर दाल, चावल और आटे जैसी रोजमर्रा की जरूरी चीजों के दाम भी उपभोक्ताओं की जेब पर असर डाल रहे हैं।
प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे मौसम की मार और सप्लाई पर असर को बड़ी वजह माना जा रहा है। कई शहरों में प्याज के खुदरा दाम 60 से 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार बफर स्टॉक बाजार में उतारने और प्रभावित शहरों तक आपूर्ति बढ़ाने की तैयारी कर रही है।
वहीं, चीनी की बढ़ती कीमतों ने भी त्योहारों से पहले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। घरेलू उत्पादन में कमी, बढ़ती मांग और सप्लाई पर दबाव जैसे कारणों से बाजार में चीनी महंगी हुई है। कुछ बाजारों में चीनी 70 रुपये प्रति किलो के आसपास पहुंचने की खबरें हैं।
महंगाई का असर केवल प्याज और चीनी तक सीमित नहीं है। दाल, खाद्य तेल, चावल और आटे के दामों में भी अलग-अलग स्तर पर बढ़ोतरी देखी जा रही है। हालांकि, कुछ वस्तुओं के भाव में राहत भी है, लेकिन त्योहारों के दौरान बढ़ती मांग को देखते हुए रसोई का कुल बजट बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
ऐसे में त्योहारों की खरीदारी शुरू होने से पहले आम परिवारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती रसोई के खर्च को संभालने की है। सरकार की ओर से प्याज की आपूर्ति बढ़ाने और कीमतों को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन आने वाले दिनों में मांग और सप्लाई की स्थिति ही तय करेगी कि महंगाई से कितनी राहत मिलती है।
महंगाई और कीमतों के अपडेट
satyamorcha.com Hindi News, latest and breaking news in Hindi