पूर्व आईएएस अधिकारी और मिर्जापुर की पूर्व जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने सक्रिय राजनीति में आने का एलान किया है। उन्होंने कहा कि मां विंध्यवासिनी के आशीर्वाद और अपनी अंतरात्मा की आवाज पर उन्होंने राजनीति में कदम रखने का फैसला किया है। उन्होंने यह भी कहा कि मिर्जापुर राजनीति का महत्वपूर्ण केंद्र बना रहेगा।
दिव्या मित्तल ने स्पष्ट किया कि वह किसी राजनीतिक दल में शामिल नहीं होंगी और स्वतंत्र रूप से अपनी राजनीतिक पारी शुरू करेंगी। विधानसभा या लोकसभा चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसके लिए अभी थोड़ा इंतजार करना होगा और जल्द जानकारी दी जाएगी।
मिर्जापुर से राजनीतिक सफर शुरू करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि राजनीति के केंद्र में मिर्जापुर का महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने कहा कि वह जो भी काम करेंगी, पूरी जिम्मेदारी और सोच-समझकर करेंगी, क्योंकि हजारों लोगों का भरोसा उनसे जुड़ा है।
‘कमल किसी का पेटेंट नहीं’
दिव्या मित्तल ने साड़ी पर कमल के फूल की तस्वीर होने से जुड़े सवाल पर कहा कि साड़ी पर कमल जैसा कुछ नहीं था। उन्होंने कहा कि कमल किसी का पेटेंट नहीं है और उनकी किसी राजनीतिक दल या उसके चुनाव चिह्न से कोई संबद्धता नहीं है।
व्यवस्था और युवाओं के मुद्दे उठाने की बात
राजनीति में आने की घोषणा के दौरान दिव्या मित्तल ने सरकारी व्यवस्था, नौकरशाही, पेपर लीक, रोजगार और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि वह उन लोगों की आवाज बनना चाहती हैं, जिनकी समस्याएं अक्सर सरकारी दफ्तरों तक नहीं पहुंच पातीं।
उन्होंने कहा कि राजनीति में सत्ता और शोर के बजाय सोच और उद्देश्य पर ध्यान देने की जरूरत है। दिव्या मित्तल ने यह भी कहा कि वह बिना डरे सवाल उठाती रहेंगी और लोगों के मुद्दों को लेकर आगे काम करेंगी।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश उनकी कर्मभूमि है और उनकी राजनीतिक शुरुआत यहीं से होगी।
satyamorcha.com Hindi News, latest and breaking news in Hindi