गणेश उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने विसर्जन के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। राजधानी में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए 81 कृत्रिम विसर्जन कुंड तैयार किए गए हैं। इसके अलावा खंडित मूर्तियों और पूजा सामग्री के लिए 250 से अधिक विशेष विसर्जन पात्र भी स्थापित किए जा रहे हैं।
81 कृत्रिम कुंडों में होगा गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन
दिल्ली सरकार के अनुसार, राजधानी के अलग-अलग इलाकों में 81 कृत्रिम विसर्जन कुंड बनाए गए हैं। इनका उद्देश्य श्रद्धालुओं को गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराना और नदियों को प्रदूषण से बचाना है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आस्था और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। सरकार का प्रयास है कि धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए प्राकृतिक जलस्रोतों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए।
खंडित मूर्तियों और पूजा सामग्री के लिए 250 से ज्यादा पात्र
सरकार की ओर से खंडित मूर्तियों, पूजा सामग्री, देवी-देवताओं के वस्त्र और तस्वीरों के लिए 250 से अधिक समर्पित ‘विसर्जन पात्र’ भी लगाए जा रहे हैं। इन्हें मंदिरों, स्कूलों और अन्य सुविधाजनक स्थानों के आसपास स्थापित किया जाएगा।
सरकार के मुताबिक, श्रद्धालु इन पात्रों में धार्मिक वस्तुओं को सम्मानपूर्वक रख सकेंगे। इसके बाद इन वस्तुओं के सम्मानजनक तरीके से पुनर्चक्रण और पुन: उपयोग की व्यवस्था की जाएगी।
पर्यावरण संरक्षण पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण की भावना को भी आगे बढ़ाना जरूरी है। इसी उद्देश्य से गणेश विसर्जन के दौरान कृत्रिम कुंडों और विशेष विसर्जन पात्रों की व्यवस्था की गई है।
दिल्ली सरकार का कहना है कि इन व्यवस्थाओं से श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी और नदियों व अन्य प्राकृतिक जलस्रोतों को धार्मिक सामग्री से होने वाले प्रदूषण से बचाने में मदद मिलेगी।
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