दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के बुधवार को हुए मार्च के दौरान एसपीएम कॉलेज की महिला प्रोफेसर डॉ. चयनिका उनियाल ने एक व्यक्ति पर बिना सहमति उन्हें छूने का आरोप लगाया। प्रोफेसर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए घटना का जिक्र करते हुए महिला सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की निजता को लेकर सवाल उठाए।
मार्च के दौरान हुई घटना
प्रोफेसर के मुताबिक, मार्च के दौरान भीड़ में उन्हें महसूस हुआ कि किसी का हाथ उनकी बांह से छूकर गया। उन्होंने इसे भीड़ में हुई सामान्य घटना समझकर उस समय नजरअंदाज कर दिया।
कुछ देर बाद, जब वह कुछ शिक्षकों के साथ फोटो के लिए खड़ी थीं, तभी एक अनजान व्यक्ति ने उनके कंधे पर हाथ रख दिया। प्रोफेसर के अनुसार, जब उन्होंने पीछे मुड़कर देखा तो व्यक्ति ने तुरंत हाथ हटा लिया और कहा, “सॉरी, मैंने सोचा सर है।”
प्रोफेसर ने बताया कि घटना कुछ ही सेकंड की थी, लेकिन इससे उन्हें असहज महसूस हुआ।
महिला की सहमति के बिना छूने पर उठाया सवाल
अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में प्रोफेसर ने कहा कि सवाल केवल एक व्यक्ति के व्यवहार का नहीं है, बल्कि यह भी है कि किसी अनजान महिला को उसकी सहमति के बिना छूने का अधिकार कोई व्यक्ति कैसे ले सकता है।
उन्होंने कहा कि महिला की उम्र, पद या शिक्षा उसे ऐसी घटनाओं से पूरी तरह सुरक्षित नहीं बनाती।
छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता
प्रोफेसर ने इस मुद्दे पर लगातार बातचीत की जरूरत बताई, खासकर युवा छात्राओं की सुरक्षा को लेकर। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के व्यक्तिगत अधिकारों और उनकी सुरक्षा को लेकर जागरूकता जरूरी है।
उन्होंने अपनी पोस्ट में यह भी कहा कि महिला का शरीर किसी भी सार्वजनिक स्थान पर ‘पब्लिक स्पेस’ नहीं है।
फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रोफेसर ने घटना का विवरण सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से साझा किया है। मामले में पुलिस शिकायत या किसी अन्य आधिकारिक कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।
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