साहित्य के क्षेत्र में वर्ष 2026 का नोबेल पुरस्कार कनाडाई लेखिका ऐन कार्सन (Anne Carson) को दिया गया है। स्वीडिश अकादमी ने गुरुवार को पुरस्कार की घोषणा की। उन्हें यह सम्मान शास्त्रीय परंपरा के साथ रचनात्मक संवाद कायम करते हुए समकालीन साहित्य के लिए नए रूप विकसित करने वाले उनके साहसिक और कल्पनाशील लेखन के लिए दिया गया है।
नोबेल समिति के अनुसार, ऐन कार्सन के लेखन में कविता, अनुवाद, शास्त्रीय साहित्य और आधुनिक अभिव्यक्ति के बीच एक अनोखा संवाद देखने को मिलता है। उन्होंने साहित्य की पारंपरिक सीमाओं के साथ प्रयोग करते हुए लेखन के नए रूपों और अभिव्यक्ति की संभावनाओं को सामने रखा है।
कविता से लेकर शास्त्रीय साहित्य तक किया प्रयोग
ऐन कार्सन का साहित्यिक काम कविता तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने अनुवाद, निबंध और शास्त्रीय यूनानी साहित्य पर भी व्यापक काम किया है। उनके लेखन में भाषा, शब्दों के अर्थ और उनकी व्युत्पत्ति को लेकर विशेष रुचि दिखाई देती है।
कार्सन ने शास्त्रीय यूनानी साहित्य का अनुवाद भी किया है और प्राचीन साहित्यिक परंपराओं को आधुनिक संदर्भों से जोड़ने का काम किया। उनकी प्रमुख कृतियों में ‘Eros the Bittersweet’ (1986), ‘Glass, Irony, and God’ (1995), ‘Autobiography of Red: A Novel in Verse’ (1998), ‘The Beauty of the Husband’ (2001), ‘Nox’ (2010), ‘Float’ (2016) और ‘Wrong Norma’ (2024) शामिल हैं।
‘Autobiography of Red’ ने दिलाई खास पहचान
ऐन कार्सन की चर्चित कृति ‘Autobiography of Red: A Novel in Verse’ में प्राचीन यूनानी कवि स्टेसिकोरस से जुड़े एक मिथकीय पात्र को आधुनिक संदर्भ में नए रूप में प्रस्तुत किया गया है।
वहीं उनकी कविता ‘The Glass Essay’ में कविता, कहानी और साहित्यिक आलोचना के बीच की सीमाएं एक-दूसरे में मिलती हुई दिखाई देती हैं। उनके लेखन की यही प्रयोगधर्मिता उन्हें समकालीन साहित्य की विशिष्ट आवाजों में शामिल करती है।
कौन हैं ऐन कार्सन?
ऐन कार्सन का जन्म 1950 में कनाडा के टोरंटो में हुआ था। उन्होंने अपने साहित्यिक जीवन में कविता लेखन के साथ-साथ अनुवाद और अध्यापन का काम भी किया। उनके लेखन में भाषा और शब्दों के अर्थ की गहरी पड़ताल प्रमुख रूप से दिखाई देती है।
कार्सन ने साहित्य में शास्त्रीय परंपराओं को आधुनिक लेखन के साथ जोड़ने का काम किया है। नोबेल समिति के अनुसार, उनके लेखन ने कविता, कहानी, निबंध और अनुवाद जैसी अलग-अलग विधाओं के बीच नई संभावनाएं पैदा की हैं।
1901 से दिया जा रहा साहित्य का नोबेल
साहित्य का नोबेल पुरस्कार स्वीडिश अकादमी की ओर से दिया जाता है। इसकी शुरुआत वर्ष 1901 में हुई थी। अब तक साहित्य के क्षेत्र में 118 बार पुरस्कार दिए जा चुके हैं और कुल 122 लोगों को सम्मानित किया गया है।
वर्ष 2025 में साहित्य का नोबेल पुरस्कार हंगरी के लेखक लास्जलो क्रास्जनाहोरकाई को दिया गया था। उन्हें उनके प्रभावशाली और दूरदर्शी साहित्यिक लेखन के लिए सम्मानित किया गया था।
2026 के नोबेल पुरस्कारों की घोषणा
वर्ष 2026 के नोबेल पुरस्कारों की घोषणा 5 अक्तूबर से शुरू हुई। मेडिसिन के बाद 6 अक्तूबर को भौतिकी, 7 अक्तूबर को रसायन विज्ञान और 8 अक्तूबर को साहित्य के पुरस्कार की घोषणा की गई।
अब 9 अक्तूबर को शांति और 12 अक्तूबर को आर्थिक विज्ञान के पुरस्कार की घोषणा होनी है।
नोबेल पुरस्कार की स्थापना अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत के आधार पर हुई थी। इसका उद्देश्य मानवता के लिए महत्वपूर्ण योगदान देने वाले लोगों और संस्थाओं को सम्मानित करना है।
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