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अमेरिका को ईरान की चेतावनी- फिर हमला किया तो हिंद महासागर तक फैल सकता है संघर्ष

ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के सलाहकार याह्या रहीम सफवी ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने दोबारा हमला किया तो युद्ध का दायरा हिंद महासागर तक फैल सकता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा संघर्ष पहले ही फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य से आगे बढ़कर लाल सागर तक पहुंच चुका है।

हिंद महासागर का पहली बार सीधा उल्लेख

ईरानी समाचार एजेंसी फार्स की ओर से जारी एक वीडियो में सफवी ने हिंद महासागर का सीधे तौर पर जिक्र किया। उन्होंने संकेत दिया कि यदि अमेरिका की ओर से दोबारा सैन्य कार्रवाई होती है तो संघर्ष का भौगोलिक दायरा और बढ़ सकता है।

उनके बयान को इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि हिंद महासागर में अमेरिका और ब्रिटेन का रणनीतिक सैन्य अड्डा डिएगो गार्सिया स्थित है। यह ईरान से करीब 4,000 किलोमीटर दूर है।

डिएगो गार्सिया क्यों है अहम?

डिएगो गार्सिया हिंद महासागर में स्थित अमेरिका-ब्रिटेन का प्रमुख सैन्य अड्डा है। इसकी रणनीतिक स्थिति के कारण पश्चिम एशिया और हिंद महासागर क्षेत्र में किसी बड़े सैन्य संघर्ष की स्थिति में इसका महत्व बढ़ जाता है।

ईरानी अधिकारी पहले भी चेतावनी दे चुके हैं कि अमेरिका की ओर से दोबारा हमला होने पर संघर्ष का दायरा बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, सफवी के ताजा बयान में पहली बार हिंद महासागर का सीधे उल्लेख किया गया है।

लाल सागर और बाब-अल-मंदेब में भी तनाव

पश्चिम एशिया में तनाव के बीच लाल सागर और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य भी महत्वपूर्ण बने हुए हैं। यमन में हूती बलों और सऊदी समर्थित सरकारी बलों के बीच संघर्ष जारी है। हाल के घटनाक्रमों के बीच लाल सागर के तट पर हूतियों का प्रभाव बढ़ने की बात सामने आई है।

बाब-अल-मंदेब एशिया और यूरोप के बीच समुद्री व्यापार के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है। यह रास्ता लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है और स्वेज नहर के जरिए यूरोप तक पहुंचने वाले समुद्री मार्ग का हिस्सा है।

होर्मुज को लेकर भी जारी है तनाव

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव का एक प्रमुख केंद्र होर्मुज जलडमरूमध्य भी है। ईरान ने अमेरिकी-इस्राइली हमलों के जवाब में इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को बंद कर दिया है। दुनिया के तेल और गैस व्यापार का एक बड़ा हिस्सा इस मार्ग से होकर गुजरता है।

ईरान पहले ही संकेत दे चुका है कि अगर अमेरिका की ओर से सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू होती है तो वह संघर्ष का दायरा और बढ़ा सकता है।

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत भी जारी

सैन्य तनाव और एक-दूसरे को दी जा रही चेतावनियों के बीच अमेरिका और ईरान के अधिकारियों के बीच संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान न्यूयॉर्क में बातचीत भी हुई है।

ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए अपनी कुछ शर्तें रखी हैं। इनमें आर्थिक प्रतिबंध हटाना और विदेशों में जमा ईरानी संपत्तियों को बिना शर्त जारी करना शामिल है। वहीं, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रवक्ता हुसैन मोहेबी ने यमन में युद्ध समाप्त करने की बात भी कही है।

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