Thursday , August 13 2026

चमोली में तमक नाला बना सिरदर्द, बार-बार बह रहा पुल, ग्रामीणों की आवाजाही पर संकट

चीन सीमा को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण ज्योतिर्मठ-मलारी हाईवे पर स्थित तमक नाला पिछले कई वर्षों से प्रशासन और सीमा सड़क संगठन (BRO) के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। नाले में अचानक आने वाले तेज बहाव के कारण यहां आवाजाही के लिए बनाई गई स्थायी और अस्थायी व्यवस्थाएं बार-बार बह जाती हैं।

पिछले एक दशक में तमक नाले पर बनाया गया पुल तीन बार बह चुका है। इसके अलावा कई बार अस्थायी पुल और वैकल्पिक मार्ग भी पानी के तेज बहाव की चपेट में आ चुके हैं।

2016 से जारी है पुल बहने का सिलसिला

वर्ष 2016 में तमक नाला उफान पर आने के बाद यहां बीआरओ का बनाया पक्का पुल क्षतिग्रस्त होकर तिरछा हो गया था। इसके बाद आवाजाही बहाल करने के लिए ह्यूम पाइप डाले गए और कई बार अस्थायी पुल बनाए गए, लेकिन तेज बहाव के कारण ये व्यवस्थाएं भी ज्यादा समय तक टिक नहीं सकीं।

इसके बाद बीआरओ ने यहां दोबारा पक्का पुल बनाया। पिछले साल रात के समय नाले में आए तेज उफान में यह पुल पूरी तरह बह गया। इसके बाद पिछले महीने तैयार किया गया बैली ब्रिज भी सोमवार को तेज बहाव में बह गया।

2016 में लोगों ने छोड़ दिए थे घर

तमक नाले के आसपास कुछ लोगों ने आवासीय घर बनाए थे। वर्ष 2016 में नाले में आई बाढ़ से इन घरों को भारी नुकसान पहुंचा। इसके बाद लोगों ने अपने घर छोड़ दिए। अब इनमें से कई मकान मलबे में दब चुके हैं।

बागवानी और अन्य संपत्तियों को भी नुकसान

नाले के उफान से आसपास की कृषि भूमि और बागवानी को भी भारी नुकसान हुआ है। ग्रामीणों के सेब, अखरोट, खुमानी और आड़ू के कई पेड़ बह गए। स्थानीय काश्तकारों के अनुसार, अकेले कई परिवारों के दर्जनों सेब के पेड़ बाढ़ की चपेट में आए हैं।

इसके अलावा वन विभाग की चौकी और मत्स्य पालन के लिए बनाए गए तालाबों को भी नुकसान पहुंचा है। लगातार हो रहे नुकसान के कारण स्थानीय लोगों और सीमा क्षेत्र में आवाजाही के लिए तमक नाले पर स्थायी समाधान की जरूरत महसूस की जा रही है।

Check Also

अचानक उफना तमक नाला, देखते ही देखते बहने लगा पानी; JCB ऑपरेटर ने ऐसे बचाई अपनी जान

चीन सीमा को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण ज्योतिर्मठ-मलारी हाईवे पर तमक नाले में अतिवृष्टि के बाद ...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *