राम मंदिर चढ़ावा चोरी के कथित मामले को लेकर समाजवादी पार्टी ने केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। गुरुवार को संसद भवन परिसर में सपा प्रमुख अखिलेश यादव के नेतृत्व में पार्टी सांसदों ने प्रदर्शन किया और भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन के बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा और उसके सहयोगी “आस्था के साथ विश्वासघात के महापाप और अपराध के दोषी” हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राम भक्तों की श्रद्धा के साथ छल किया गया और मंदिर में चढ़ावे, दान व ट्रस्ट से जुड़े मामलों में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं।
अखिलेश ने दावा किया कि दान-पात्र से चढ़ावे की चोरी, गुप्त दान में घोटाला, फर्जी रसीदें जारी करने और अयोध्या में जमीन खरीद-फरोख्त के जरिए ट्रस्ट को आर्थिक नुकसान पहुंचाने जैसे मामले सामने आए हैं। उनका आरोप है कि इन मामलों पर सवाल उठाने वालों को हटाया गया और भ्रष्ट लोगों को संरक्षण दिया गया।
सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि कथित चोरी की राशि की बरामदगी दर्ज नहीं की गई, जांच में महत्वपूर्ण तथ्यों को नजरअंदाज किया गया और सीसीटीवी रिकॉर्डिंग समेत अन्य सबूतों के साथ छेड़छाड़ की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों पर सवाल हैं, उन्हीं से जांच कराई जा रही है।
अखिलेश यादव ने राम मंदिर ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों को बिना जवाबदेही तय किए क्लीन चिट दिए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए कहा कि मंदिर से जुड़े धन और बहुमूल्य धातुओं के कथित दुरुपयोग की सच्चाई सामने आनी चाहिए।
सपा सांसदों ने प्रदर्शन के दौरान इस मुद्दे को संसद में उठाने की बात कही और कहा कि यह केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है। वहीं, भाजपा की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
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