केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच रियल एस्टेट सेक्टर को राहत देने की पहल की है। मंत्रालय ने सभी राज्य रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरणों (रेरा) को सलाह दी है कि युद्ध के कारण प्रभावित परियोजनाओं के पंजीकरण और निर्माण पूरा करने की समयसीमा में चार महीने की अतिरिक्त मोहलत दी जाए।
मंत्रालय के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिससे निर्माण सामग्री की उपलब्धता और परियोजनाओं की गति पर असर पड़ा है। परामर्श में कहा गया है कि जिन पंजीकृत परियोजनाओं की मूल या पहले बढ़ाई गई समयसीमा 28 फरवरी 2026 या उसके बाद समाप्त हो रही है, उन्हें चार महीने का अतिरिक्त समय दिया जा सकता है। वित्त मंत्रालय ने भी इस स्थिति को अप्रत्याशित परिस्थिति की श्रेणी में रखा है।
वहीं, भारत और भूटान ने विकास सहयोग को मजबूत करते हुए 4,000 करोड़ रुपये के रियायती ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता दोनों देशों के बीच आयोजित पांचवीं भारत-भूटान विकास सहयोग वार्ता के दौरान हुआ। बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी और भूटान के विदेश सचिव दाशो पेमा लेकटुप दोरजी ने की।
बैठक में भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना (2024-29) के तहत भारत की 10,000 करोड़ रुपये की विकास सहायता से चल रही परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। दोनों देशों ने स्वास्थ्य क्षेत्र सहित विभिन्न विकास परियोजनाओं में सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई।
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