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दरिंदगी के बाद हत्या: एसआईटी जांच में खुलासा, चीखने पर पाइप से किया वार, बेसमेंट में छिपाया शव

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के राजनगर एक्सटेंशन स्थित निर्माणाधीन मॉल में सात वर्षीय बच्ची के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में जांच के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस के अनुसार, बच्ची के शोर मचाने पर मुख्य आरोपी विनय ने उसके सिर पर लोहे के पाइप से वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर अचेत हो गई। इसके बाद दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर उसे लिफ्ट के खाली शाफ्ट से नीचे बेसमेंट में फेंक दिया, ताकि वारदात का पता न चल सके। पुलिस ने मामले में हत्या, यौन अपराध और अन्य संबंधित धाराओं के तहत जांच तेज कर दी है।

जांच के दौरान सामने आया कि आरोपियों को पता था कि निर्माणाधीन इमारत के बेसमेंट में पानी भरा हुआ है। उन्हें उम्मीद थी कि शव पानी में डूब जाएगा और घटना का खुलासा देर से होगा। हालांकि परिजनों और स्थानीय लोगों की तलाश के दौरान बच्ची का शव बेसमेंट के तीसरे तल पर मिला, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।

आधार कार्ड दिखाकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश

पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद आरोपी विनय अपनी झुग्गी में पहुंचा और भागने की तैयारी करने लगा। उसने जेब में आधार कार्ड और कुछ रुपये रख लिए थे। जब परिजनों और स्थानीय लोगों ने उसे पकड़ लिया तो उसने पुलिस को आधार कार्ड दिखाया, जिसमें जन्म वर्ष 2008 दर्ज था। शुरुआती तौर पर उसे नाबालिग मानकर मेडिकल परीक्षण कराया गया, लेकिन मेडिकल जांच में वह बालिग निकला। पुलिस ने बताया कि आरोपी सातवीं कक्षा तक पढ़ा है।

फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए अहम साक्ष्य

पुलिस ने घटनास्थल से बरामद खून से सने कपड़े, लोहे का पाइप, बच्ची की चप्पल, टूटे बाल और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य फॉरेंसिक प्रयोगशाला भेज दिए हैं। दोनों आरोपियों के डीएनए सैंपल भी जांच के लिए लिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट केस को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।

फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा मामला

डीसीपी धवल जायसवाल ने बताया कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने के लिए पुलिस अपील करेगी। उन्होंने कहा कि जांच टीम ने लगभग सभी महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटा लिए हैं, जिनमें सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, फॉरेंसिक साक्ष्य और घटनास्थल से बरामद सामग्री शामिल है। पुलिस एक सप्ताह के भीतर अदालत में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है।

घटनास्थल पर संघर्ष के मिले संकेत

पुलिस जांच में निर्माणाधीन मॉल की तीसरी मंजिल पर उस स्थान से कई अहम सुराग मिले हैं, जहां वारदात को अंजाम दिया गया। कमरे की दीवारों पर कई जगह खून के छींटे पाए गए हैं, जिससे आशंका है कि बच्ची ने आरोपियों का विरोध किया था और इस दौरान उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद आरोपियों ने लोहे के पाइप से हमला कर उसकी हत्या कर दी और शव को लिफ्ट शाफ्ट के रास्ते नीचे फेंक दिया।

मॉल परिसर में मिली शराब की बोतलें, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

जांच के दौरान निर्माणाधीन मॉल परिसर से बीयर की खाली केन और गिलास भी बरामद हुए हैं। वहां काम करने वाले मजदूरों का आरोप है कि रात में काम बंद होने के बाद असामाजिक तत्व परिसर में आकर शराब पीते थे और यह सब सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी में होता था। मजदूरों का कहना है कि शिकायत करने पर काम छिनने का डर रहता था, इसलिए वे चुप रहने को मजबूर थे।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के अनुसार, नंदग्राम क्षेत्र में रहने वाली सात वर्षीय बच्ची शुक्रवार शाम लापता हो गई थी। आरोप है कि दो युवकों ने उसे चिप्स और कोल्ड ड्रिंक का लालच देकर निर्माणाधीन मॉल में ले गए, जहां उसके साथ कथित दुष्कर्म किया गया। बाद में पहचान उजागर होने के डर से उसकी हत्या कर शव को बेसमेंट में फेंक दिया गया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ में दोनों ने वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि सभी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ जल्द ही अदालत में मजबूत चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

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