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भारत में बनेगा फाइटर जेट का इंजन? रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा देने की तैयारी

स्वतंत्रता दिवस से पहले रक्षा क्षेत्र में भारत ने आत्मनिर्भरता की दिशा में कई अहम कदम उठाए हैं। रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना के लिए करीब 1,577 करोड़ रुपये के लोइटर म्यूनिशन सिस्टम खरीदने के अनुबंध किए हैं। वहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज और ब्रिटेन की रॉल्स-रॉयस ने भारत के एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) के लिए स्वदेशी लड़ाकू इंजन विकसित करने की दिशा में साझेदारी का ऐलान किया है।

सेना को मिलेंगे लोइटर म्यूनिशन सिस्टम

रक्षा मंत्रालय ने टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड और निबे प्राइवेट लिमिटेड के साथ करीब 1,577 करोड़ रुपये के अनुबंध किए हैं। इसके तहत भारतीय सेना के लिए लोइटर म्यूनिशन सिस्टम, गोला-बारूद और संबंधित उपकरण खरीदे जाएंगे।

लोइटर म्यूनिशन को आम तौर पर कामिकेज या सुसाइड ड्रोन भी कहा जाता है। ये सिस्टम किसी लक्ष्य के आसपास मंडराकर उसे पहचान सकते हैं और सही समय पर उस पर हमला कर सकते हैं। यह सौदा ‘बाय इंडियन’ श्रेणी के तहत किया गया है, जिससे घरेलू रक्षा उत्पादन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

AMCA के लिए बनेगा स्वदेशी फाइटर जेट इंजन?

रिलायंस इंडस्ट्रीज और रॉल्स-रॉयस ने भारत के AMCA कार्यक्रम के लिए स्वदेशी कॉम्बैट इंजन के डिजाइन, विकास और निर्माण की दिशा में साझेदारी का ऐलान किया है। दोनों कंपनियां भारत में एक एयरोस्पेस गैस टर्बाइन कॉम्प्लेक्स स्थापित करने की संभावना तलाशेंगी। इसका उद्देश्य इंजन की डिजाइन, विकास, निर्माण, परीक्षण और लंबे समय तक सपोर्ट की घरेलू क्षमता विकसित करना है।

अभी इंजन का निर्माण शुरू नहीं हुआ

हालांकि, इस साझेदारी का मतलब यह नहीं है कि AMCA इंजन का निर्माण तुरंत शुरू हो गया है। दोनों कंपनियों ने रणनीतिक साझेदारी की मंशा जाहिर की है। AMCA इंजन के लिए अंतिम सरकारी फैसला और कार्यक्रम की औपचारिक प्रक्रिया अभी अहम चरणों से गुजरनी है। रॉल्स-रॉयस की साझेदारी भारत में स्वदेशी इंजन क्षमता विकसित करने की दौड़ को जरूर मजबूत करती है।

भारत के लिए क्यों अहम है यह कदम?

फाइटर जेट का इंजन किसी भी आधुनिक लड़ाकू विमान की सबसे जटिल और महत्वपूर्ण तकनीकों में शामिल होता है। भारत लंबे समय से हाई-थ्रस्ट जेट इंजन की स्वदेशी क्षमता विकसित करने की कोशिश कर रहा है। AMCA कार्यक्रम में घरेलू डिजाइन और निर्माण क्षमता विकसित होने से भविष्य में विदेशी इंजनों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।

इस तरह ₹1,577 करोड़ का ड्रोन सौदा और AMCA इंजन के लिए प्रस्तावित साझेदारी, दोनों ही भारत के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।

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