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Asian Games: खिलाड़ियों पर सख्ती, फिटनेस से लेकर सट्टेबाजी तक इन नियमों का करना होगा पालन

जापान में होने वाले एशियाई खेलों से पहले भारतीय खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के लिए अहम दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इस बार एशियन गेम्स में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों को केवल मैदान पर प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि अनुशासन और खेल भावना से जुड़े नियमों का भी पालन करना होगा। खिलाड़ियों को फिटनेस, एंटी-डोपिंग, मैच फिक्सिंग और सट्टेबाजी से दूरी बनाए रखने के संबंध में शपथ पत्र देना होगा।

भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) ने खेल संघों को खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों से शपथ पत्र भरवाने के साथ-साथ उन्हें नेशनल स्पोर्ट्स रिपोजिटरी सिस्टम (NSRS) पर पंजीकृत कराने के निर्देश दिए हैं।

शपथ पत्र में किन बातों का देना होगा भरोसा?

एशियन गेम्स के लिए चुने जाने वाले खिलाड़ियों को लिखित रूप में यह सुनिश्चित करना होगा कि वे खेल भावना और अनुशासन का पालन करेंगे। उन्हें मैच फिक्सिंग, सट्टेबाजी और उम्र से जुड़ी धोखाधड़ी जैसी गतिविधियों से दूर रहने की शपथ देनी होगी।

इसके अलावा खिलाड़ियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनके किसी व्यवहार से देश, भारतीय ओलंपिक संघ या संबंधित राष्ट्रीय खेल महासंघ की छवि खराब न हो।

इस शपथ पत्र पर खिलाड़ी के साथ संबंधित खेल संघ के पदाधिकारी के हस्ताक्षर और मुहर भी होगी।

फिटनेस प्रमाण पत्र भी होगा जरूरी

SAI के निर्देशों के मुताबिक एशियन गेम्स में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों के लिए मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा। किसी अनफिट खिलाड़ी को एशियाई खेलों में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

खेल संघों को मान्यता प्राप्त डॉक्टर से खिलाड़ियों का फिटनेस प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना होगा।

अगर कोई खिलाड़ी चोट या किसी अन्य कारण से पुनर्वास की प्रक्रिया में है, तो उसके लिए भी एशियन गेम्स में भाग लेने के लिहाज से मेडिकल रूप से फिट होने का प्रमाण देना होगा।

खिलाड़ियों के दांतों की भी होगी जांच

इस बार खिलाड़ियों की मेडिकल जांच में दांतों का परीक्षण भी अनिवार्य किया गया है। यानी एशियन गेम्स के लिए जाने वाले खिलाड़ियों की फिटनेस जांच केवल सामान्य स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहेगी।

खेल संघों को खिलाड़ियों से संबंधित आवश्यक मेडिकल दस्तावेज और फिटनेस प्रमाण पत्र निर्धारित प्रक्रिया के तहत उपलब्ध कराने होंगे।

कोच की जानकारी भी देनी होगी

नेशनल स्पोर्ट्स रिपोजिटरी सिस्टम पर पंजीकरण के दौरान खिलाड़ियों को अपने बारे में जानकारी देने के साथ-साथ अपने शुरुआती स्तर से एलीट स्तर तक के प्रशिक्षकों की जानकारी भी उपलब्ध करानी होगी।

इस व्यवस्था का एक उद्देश्य खिलाड़ियों के प्रशिक्षण से जुड़े रिकॉर्ड को व्यवस्थित करना भी है।

कोच के नाम को लेकर होने वाले विवादों पर भी नजर

खबर के मुताबिक कोच से संबंधित शपथ पत्र की व्यवस्था पहले भी इस्तेमाल की गई है। इसका एक उद्देश्य पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के कोच को मिलने वाले कैश अवॉर्ड को लेकर होने वाले विवादों को रोकना है।

कई मामलों में खिलाड़ी पुरस्कार के लिए अपने वास्तविक प्रशिक्षक के बजाय पिता या किसी रिश्तेदार का नाम प्रस्तावित कर देते थे। ऐसे मामलों को देखते हुए कोच से जुड़ी जानकारी को अधिक व्यवस्थित तरीके से दर्ज करने पर जोर दिया जा रहा है।

इस बार मौखिक निर्देश नहीं, लिखित शपथ

खिलाड़ियों को आमतौर पर हर बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट से पहले अनुशासन बनाए रखने और देश का सम्मान बढ़ाने की सलाह दी जाती है। लेकिन इस बार इन बातों को लिखित शपथ पत्र के जरिए दर्ज कराया जा रहा है।

इसमें खेल भावना बनाए रखने, डोपिंग नियमों का पालन करने, फिटनेस मानकों को पूरा करने और सट्टेबाजी व मैच फिक्सिंग जैसी गतिविधियों से दूर रहने पर जोर है।

खिलाड़ियों से यह भी अपेक्षा की गई है कि वे ऐसा कोई काम न करें जिससे देश की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचे।

एशियन गेम्स से पहले तैयारी पर जोर

भारतीय दल के खिलाड़ियों के लिए इस बार प्रदर्शन के साथ-साथ अनुशासन और नियमों का पालन भी महत्वपूर्ण रहेगा। फिटनेस प्रमाण पत्र, डोपिंग नियमों की जानकारी, प्रशिक्षकों का रिकॉर्ड और शपथ पत्र जैसी औपचारिकताओं को पूरा करना एशियन गेम्स की तैयारी का अहम हिस्सा होगा।

SAI के निर्देशों के बाद अब संबंधित खेल संघों को खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों से आवश्यक दस्तावेज और शपथ पत्र लेने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

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