दिवाली के अवसर पर भारतीय शेयर बाजार में 8 नवंबर को विशेष मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र आयोजित किया जाएगा। इस दौरान निवेशकों को कारोबार के लिए सीमित समय मिलेगा। पिछले एक दशक के आंकड़ों के मुताबिक, मुहूर्त ट्रेडिंग के 10 में से 8 सत्रों में सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ बंद हुए हैं। जानिए इस बार ट्रेडिंग का समय, बाजार का पुराना रिकॉर्ड और नए संवत 2083 के लिए विशेषज्ञों की रणनीति।
दिवाली भारतीय शेयर बाजार के लिए खास महत्व रखती है। इस दिन होने वाली मुहूर्त ट्रेडिंग को नए संवत वर्ष की शुभ शुरुआत के तौर पर देखा जाता है। निवेशक और कारोबारी इस विशेष सत्र में प्रतीकात्मक रूप से खरीदारी करते हैं और नए वित्त वर्ष के लिए निवेश की शुरुआत करते हैं।
पिछले 10 वर्षों यानी 2016 से 2025 तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान बाजार का रुख ज्यादातर सकारात्मक रहा है। इस अवधि में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 कुल 10 में से 8 सत्रों में बढ़त के साथ बंद हुए।
8 नवंबर को कितने बजे होगी मुहूर्त ट्रेडिंग?
साल 2026 में दिवाली के अवसर पर NSE और BSE की ओर से 8 नवंबर, रविवार को विशेष मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र आयोजित किया जाएगा। एक्सचेंजों द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार, मुख्य कारोबार दोपहर 2:20 बजे से शाम 3:30 बजे तक चलेगा।
ट्रेडिंग शुरू होने से पहले निवेशकों के लिए 15 मिनट का प्री-ओपनिंग सत्र भी रखा गया है।
- तारीख: 8 नवंबर 2026, रविवार
- प्री-ओपनिंग सत्र: दोपहर 2:05 से 2:20 बजे तक
- मुहूर्त ट्रेडिंग: दोपहर 2:20 से शाम 3:30 बजे तक
इस दौरान निवेशक शेयरों की खरीद-बिक्री कर सकेंगे। मुहूर्त ट्रेडिंग का समय सामान्य कारोबारी सत्र की तुलना में काफी कम होता है।
पिछले 10 साल में कैसा रहा बाजार का प्रदर्शन?
बीएस रिसर्च के ऐतिहासिक आंकड़ों के विश्लेषण के मुताबिक, 2016 से 2025 के बीच मुहूर्त ट्रेडिंग के 10 सत्रों में से केवल दो बार बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। बाकी आठ मौकों पर सेंसेक्स और निफ्टी ने बढ़त दर्ज की।
इन 10 सत्रों के दौरान सेंसेक्स का औसत रिटर्न 0.34 प्रतिशत और निफ्टी 50 का औसत रिटर्न 0.31 प्रतिशत रहा। हालांकि, मुहूर्त ट्रेडिंग में आमतौर पर कारोबार की मात्रा सीमित रहती है, इसलिए इस दौरान सूचकांकों में बड़ी तेजी के बजाय मामूली उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है।
साल 2022 में 24 अक्टूबर को आयोजित मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र सबसे मजबूत रहा था। इस दौरान सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में 0.88 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई थी। वहीं, साल 2017 में बाजार का प्रदर्शन कमजोर रहा। उस वर्ष सेंसेक्स 0.60 प्रतिशत और निफ्टी 0.63 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ था।
पिछले साल यानी 21 अक्टूबर 2025 को हुए मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र में भी बाजार मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ था। सेंसेक्स 84,426 के स्तर पर 0.07 प्रतिशत और निफ्टी 25,869 के स्तर पर 0.10 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ था।
क्या मुहूर्त ट्रेडिंग की तेजी अगले महीने भी रहती है?
मुहूर्त ट्रेडिंग के दिन बाजार में तेजी आने का मतलब यह नहीं है कि आने वाले दिनों में भी बाजार लगातार बढ़त बनाए रखेगा। ऐतिहासिक आंकड़े बताते हैं कि इस विशेष सत्र के बाद अगले एक महीने में भी बाजार का प्रदर्शन अलग-अलग रहा है।
2016 से 2025 के बीच मुहूर्त ट्रेडिंग के एक महीने बाद सेंसेक्स ने 10 में से 8 मौकों पर और निफ्टी ने 7 मौकों पर सकारात्मक रिटर्न दिया। इस अवधि में सेंसेक्स का औसत एक महीने का रिटर्न 1.69 प्रतिशत और निफ्टी का 1.43 प्रतिशत रहा।
साल 2023 में मुहूर्त ट्रेडिंग के बाद बाजार ने सबसे मजबूत प्रदर्शन किया था। अगले एक महीने में सेंसेक्स 6.58 प्रतिशत और निफ्टी 7.07 प्रतिशत चढ़ा था। साल 2020 में भी सेंसेक्स में 5.99 प्रतिशत और निफ्टी में 6.09 प्रतिशत की तेजी आई थी।
इसके उलट, साल 2021 में मुहूर्त ट्रेडिंग के बाद अगले एक महीने में सेंसेक्स 5.53 प्रतिशत और निफ्टी 5.61 प्रतिशत टूट गया था। साल 2016 में भी दोनों प्रमुख सूचकांकों में 4.5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई थी।
संवत 2083 के लिए किन सेक्टर्स पर विशेषज्ञों की नजर?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि नए संवत वर्ष में निवेशकों को केवल मुहूर्त ट्रेडिंग के एक दिन के उतार-चढ़ाव पर ध्यान देने के बजाय लंबी अवधि की निवेश रणनीति बनानी चाहिए।
बोनांजा के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी के मुताबिक, भारत की आर्थिक वृद्धि, बुनियादी ढांचे पर खर्च और घरेलू मांग में मजबूती के आधार पर बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, कैपिटल गुड्स, पावर ट्रांसमिशन, रक्षा और चुनिंदा कंजप्शन सेक्टर पर सकारात्मक नजरिया बना हुआ है।
वहीं, एसबीआई सिक्योरिटीज के फंडामेंटल रिसर्च हेड सनी अग्रवाल ने नए संवत के लिए कई क्षेत्रों को महत्वपूर्ण बताया है। उनके अनुसार, ऑटो ओईएम और ऑटो एंसिलरी, कैपिटल गुड्स, इंजीनियरिंग, रक्षा, एयरोस्पेस, रेलवे सुरक्षा, पावर इक्विपमेंट, बीएफएसआई, ईएमएस, रीसाइक्लिंग, न्यू एज प्लेटफॉर्म, फार्मा के सीडीएमओ और कंजप्शन से जुड़े होटल व ज्वेलरी सेक्टर पर नजर रखी जा सकती है।
निवेशकों के लिए क्या है जरूरी सलाह?
मुहूर्त ट्रेडिंग भारतीय बाजार की पुरानी परंपरा है और इसे नए संवत की शुभ शुरुआत से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि, बाजार का पिछला प्रदर्शन भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं देता। निवेशकों को किसी भी शेयर में पैसा लगाने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार की संभावनाओं और जोखिम का आकलन करना चाहिए।
विशेषज्ञों के मुताबिक, लंबी अवधि के निवेश में आर्थिक बुनियाद और मजबूत कारोबार वाले क्षेत्रों पर ध्यान देना जरूरी है। केवल शुभ मुहूर्त या एक दिन की तेजी देखकर निवेश का फैसला करना उचित नहीं है।
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