उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने संगठनात्मक गतिविधियां तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 30 और 31 अक्टूबर को लखनऊ में पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में शामिल होंगे। इस दौरान वह पार्टी पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं से बातचीत कर प्रदेश में संगठन की स्थिति का आकलन करेंगे। पार्टी की रणनीति वर्ष 2017 के चुनावी फॉर्मूले से सीख लेते हुए जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने की है।
दो दिवसीय दौरे में संगठन का फीडबैक लेंगे अमित शाह
रिपोर्ट के मुताबिक, अमित शाह अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इस दौरान प्रदेश में संगठन की मजबूती, कमजोरियों और कार्यकर्ताओं की समस्याओं पर चर्चा होने की संभावना है। इसके बाद नवंबर में वह बूथ अध्यक्षों, शक्ति केंद्र संयोजकों और प्रमुख कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद कर सकते हैं।
पार्टी की योजना इन बैठकों के जरिए जमीनी चुनौतियों को समझने और आगामी चुनाव के लिए रणनीति तैयार करने की है।
2017 के चुनावी फॉर्मूले पर रहेगा जोर
भाजपा वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में अपनाई गई रणनीति से जुड़े कुछ पहलुओं पर फिर ध्यान दे सकती है। उस समय पार्टी ने नए सहयोगी दलों के साथ तालमेल बनाने और गैर-जाटव दलित तथा गैर-यादव अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के मतदाताओं तक पहुंच बनाने पर जोर दिया था।
रिपोर्ट के अनुसार, इस बार भी पार्टी की योजना विभिन्न सामाजिक वर्गों और सहयोगी दलों के साथ संवाद बढ़ाने की है। हालांकि, आगामी चुनाव के लिए रणनीति का अंतिम स्वरूप संगठन से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर तय किया जाएगा।
कार्यकर्ताओं और सहयोगी दलों की नाराजगी दूर करने की कोशिश
पार्टी के सामने संगठन के भीतर असंतोष और सहयोगी दलों के साथ तालमेल बनाए रखने की चुनौती भी है। अमित शाह की प्रस्तावित बैठकों में वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की शिकायतें सुनने तथा आपसी मतभेद दूर करने पर चर्चा हो सकती है।
नवंबर में उनकी सहयोगी दलों के नेताओं, बूथ अध्यक्षों और शक्ति केंद्र संयोजकों के साथ कई चरणों में बैठकें प्रस्तावित हैं। इन मुलाकातों का उद्देश्य संगठन की स्थिति का आकलन करना और चुनावी तैयारियों को मजबूत करना बताया जा रहा है।
अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में यूपी में बढ़ेगी राजनीतिक हलचल
उत्तर प्रदेश में अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में भाजपा के कई प्रमुख नेताओं के कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को वाराणसी में एयर शो से जुड़े कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान वह खोचवां में स्थानीय महिलाओं से संवाद भी करेंगे।
वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के 27 अक्टूबर को आजमगढ़ में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) प्रमुख ओमप्रकाश राजभर की रैली में शामिल होने का कार्यक्रम बताया गया है। इसके बाद महीने के अंतिम दो दिनों में अमित शाह के लखनऊ में रहने की संभावना है।
चुनावी तैयारियों के लिए संगठन पर फोकस
भाजपा की प्रस्तावित बैठकों और नेताओं के दौरों को उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी का जोर कार्यकर्ताओं से संवाद, सहयोगी दलों के साथ समन्वय और विभिन्न सामाजिक वर्गों तक पहुंच बढ़ाने पर रहेगा। इन बैठकों के बाद आगामी चुनाव के लिए संगठन की प्राथमिकताओं और रणनीति को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकती है।
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