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मृतक आश्रितों के लिए यूपी पुलिस भर्ती में बड़ी राहत की उम्मीद: शारीरिक दक्षता परीक्षा में छूट का प्रस्ताव कैबिनेट तक पहुंचेगा

उत्तर प्रदेश में पुलिस विभाग में मृतक आश्रित कोटे के तहत नौकरी पाने वाले अभ्यर्थियों को राहत देने की तैयारी की जा रही है। राज्य सरकार मृतक पुलिसकर्मियों के आश्रितों को शारीरिक दक्षता परीक्षा यानी दौड़ में उम्र के अनुसार अतिरिक्त समय देने पर विचार कर रही है। इस संबंध में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्णा ने शासन को प्रस्ताव भेजा है। गृह विभाग इस प्रस्ताव को कैबिनेट के समक्ष पेश करेगा। मंजूरी मिलने के बाद नियमों में बदलाव किया जा सकता है।

मृतक आश्रितों की परेशानी को देखते हुए लिया गया कदम

जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतक आश्रितों को भर्ती प्रक्रिया में होने वाली परेशानियों को देखते हुए नियमों को सरल बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद डीजीपी ने अपर मुख्य सचिव, गृह को प्रस्ताव भेजकर अर्हकारी शारीरिक दक्षता परीक्षा में समय की छूट देने की सिफारिश की है। इससे पहले उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने भी निर्धारित मानकों में संशोधन का प्रस्ताव दिया था।

अधिक उम्र के अभ्यर्थियों को दौड़ पूरी करने में होती है परेशानी

मृतक आश्रित कोटे के तहत भर्ती में अधिकतम आयु सीमा निर्धारित नहीं है। ऐसे में 60 वर्ष से कम उम्र के आश्रित भी पात्र हो सकते हैं। दूसरी ओर, पुलिस की सीधी भर्ती में उपनिरीक्षक पद के लिए अधिकतम आयु सीमा 33 वर्ष और आरक्षी पद के लिए 27 वर्ष बताई गई है।

पुलिसकर्मी की असामयिक मृत्यु के समय उनके आश्रित की उम्र 45 से 50 वर्ष या इससे अधिक हो सकती है। ऐसे अभ्यर्थियों को दौड़ का नियमित अभ्यास न होने के कारण निर्धारित समय में परीक्षा पूरी करने में कठिनाई होती है। कुछ अभ्यर्थी बीच में ही दौड़ छोड़ देते हैं। वहीं, अधिक उम्र में कठिन शारीरिक परीक्षा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी हो सकते हैं।

पुरुषों को 4.8 किलोमीटर और महिलाओं को 2.4 किलोमीटर दौड़नी होती है

वर्तमान व्यवस्था के तहत उपनिरीक्षक, सहायक परिचालक, आरक्षी और समकक्ष पदों की सीधी भर्ती में पुरुष अभ्यर्थियों को 4.8 किलोमीटर की दौड़ 25 से 28 मिनट में पूरी करनी होती है। महिला अभ्यर्थियों के लिए 2.4 किलोमीटर की दौड़ की समयसीमा 14 से 16 मिनट है। यही मानक मृतक आश्रित कोटे के अभ्यर्थियों पर भी लागू होते हैं।

प्रस्ताव में अभ्यर्थियों की उम्र के आधार पर दौड़ पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय देने की सिफारिश की गई है।

प्रस्तावित समयसीमा में क्या बदलाव हो सकता है?

उपलब्ध प्रस्ताव के मुताबिक, उपनिरीक्षक और समकक्ष पदों के लिए दौड़ की समयसीमा इस प्रकार रखने की सिफारिश की गई है:

  • 33 वर्ष तक: पुरुषों के लिए 30 मिनट और महिलाओं के लिए 20 मिनट।
  • 33 से 43 वर्ष तक: पुरुषों के लिए 40 मिनट और महिलाओं के लिए 30 मिनट।
  • 43 वर्ष से अधिक: पुरुषों के लिए 50 मिनट और महिलाओं के लिए 40 मिनट।

वहीं, आरक्षी और समकक्ष पदों के लिए प्रस्तावित समयसीमा इस प्रकार है:

  • 27 वर्ष तक: पुरुषों के लिए 30 मिनट और महिलाओं के लिए 20 मिनट।
  • 27 से 43 वर्ष तक: पुरुषों के लिए 40 मिनट और महिलाओं के लिए 30 मिनट।
  • 43 वर्ष से अधिक: पुरुषों के लिए 50 मिनट और महिलाओं के लिए 40 मिनट।

कैबिनेट की मंजूरी के बाद होगा अंतिम फैसला

फिलहाल यह प्रस्ताव शासन के विचाराधीन है। गृह विभाग इसे कैबिनेट के सामने रखेगा। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मृतक आश्रितों को दौड़ में उम्र के आधार पर कितनी छूट दी जाएगी और संशोधित नियम कब से लागू होंगे। इस बदलाव का उद्देश्य पात्र आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति की प्रक्रिया में राहत देना है।

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