Saturday , October 24 2026

मुस्कान-रविता को फांसी देने की पेशकश, मीरा राठौर ने जल्लाद बनने के लिए जिलाधिकारी को लिखा पत्र

मेरठ के चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में दोषी मुस्कान रस्तोगी और पति की हत्या को सांप के काटने से हुई मौत दिखाने के मामले में दोषी रविता को मृत्युदंड सुनाए जाने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में है। इसी बीच अखिल भारत हिंदू महासभा की आगरा जिलाध्यक्ष मीरा राठौर ने दोनों महिलाओं को फांसी देने के लिए जल्लाद बनने की इच्छा जाहिर की है। उन्होंने इस संबंध में मथुरा के जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर प्रशासन से अनुमति मांगी है।

निशुल्क जल्लाद बनने की जताई इच्छा

मीरा राठौर ने अपने प्रार्थना पत्र में कहा है कि यदि प्रशासन उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपता है, तो वह बिना किसी पारिश्रमिक के फांसी देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने फांसी से पहले दोनों महिलाओं का गंगाजल से शुद्धिकरण करने की बात भी कही है। हालांकि, इस संबंध में प्रशासन की ओर से अनुमति दिए जाने की कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

क्या है मेरठ का नीले ड्रम हत्याकांड?

मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र में सौरभ राजपूत की हत्या के मामले ने देशभर में सुर्खियां बटोरी थीं। इस मामले में सौरभ की पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके साथी साहिल शुक्ला को दोषी ठहराया गया। मामले में सामने आया था कि सौरभ के शव को नीले ड्रम में छिपाया गया था। अदालत ने 14 अक्टूबर 2026 को दोनों दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी।

इस घटना के सामने आने के बाद मामले को लेकर व्यापक चर्चा हुई थी। अदालत के फैसले के बाद अब मीरा राठौर की ओर से जल्लाद बनने की इच्छा जाहिर किए जाने से यह प्रकरण फिर चर्चा में आ गया है।

पति की हत्या को सांप के काटने से हुई मौत दिखाने का मामला

दूसरा मामला रविता और उसके साथी अमरदीप से जुड़ा है। दोनों को रविता के पति अमित कश्यप की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, हत्या के बाद इसे सांप के काटने से हुई मौत दिखाने की कोशिश की गई थी। जांच के दौरान पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हत्या का मामला सामने आया।

अदालत ने अक्टूबर 2026 में रविता और अमरदीप को मृत्युदंड सुनाया था। इन दोनों मामलों में कुल चार दोषियों को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद मीरा राठौर ने दोनों महिलाओं को फांसी देने की इच्छा जाहिर की है।

प्रशासन के फैसले पर टिकी नजरें

मीरा राठौर ने मथुरा के जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर जल्लाद की भूमिका निभाने की अनुमति मांगी है। उन्होंने कहा है कि प्रशासन की ओर से जिम्मेदारी दिए जाने पर वह निशुल्क यह कार्य करेंगी। फिलहाल, उनके आवेदन पर प्रशासन की ओर से किसी निर्णय की पुष्टि नहीं हुई है।

गौरतलब है कि मृत्युदंड के फैसले के बाद फांसी की सजा को लागू करने की प्रक्रिया निर्धारित कानूनी और प्रशासनिक नियमों के तहत होती है। मीरा राठौर के प्रार्थना पत्र पर आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर अब सबकी नजरें हैं।

Check Also

पीलीभीत में सरकारी धन की निकासी पर उठे सवाल, AI से फोटो अपलोड करने के मामले में CDO ने दिए जांच के आदेश

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में वीबी-जी राम जी योजना के तहत कथित वित्तीय अनियमितताओं ...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *