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एमएलसी चुनाव: सीएम योगी का सपा पर निशाना, बोले- सपा और शिक्षा नदी के दो ऐसे छोर जो कभी नहीं मिल सकते

उत्तर प्रदेश में शिक्षक एमएलसी चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सोमवार को गोरखपुर के महंत दिग्विजयनाथ पार्क में आयोजित शिक्षक मतदाता संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सपा और शिक्षा नदी के दो ऐसे छोर हैं, जो कभी नहीं मिल सकते। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सपा शिक्षा और शिक्षकों के हितों के प्रति गंभीर नहीं रही है।

शिक्षक एमएलसी चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में की अपील

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन खंड के विधान परिषद चुनाव में भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के समर्थन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भाजपा शिक्षा, शिक्षण संस्थानों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के हितों के लिए काम कर रही है। वहीं, उन्होंने सपा के शासनकाल को लेकर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि उस दौरान शिक्षकों की सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।

सपा के पीडीए नारे पर भी साधा निशाना

सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी के पीडीए नारे पर टिप्पणी करते हुए इसे ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’ और ‘पराया धन अपना’ बताया। उन्होंने राज्यसभा चुनाव का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि सपा की राजनीति में परिवार और चुनिंदा लोगों को प्राथमिकता दी जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी के पीडीए में समाज के बाकी वर्गों के लिए पर्याप्त जगह नहीं है।

शिक्षकों की सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था पर कही बात

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पहले प्रदेश में नकल, जर्जर विद्यालय भवन और शिक्षा व्यवस्था में अव्यवस्था जैसी समस्याएं थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के दौरान शिक्षकों और विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर भी चुनौतियां थीं।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार ने विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं बढ़ाने, स्मार्ट क्लास और कंप्यूटर लैब विकसित करने तथा शिक्षकों को बेहतर सुविधाएं देने की दिशा में काम किया है। उन्होंने ऑपरेशन कायाकल्प और प्रोजेक्ट अलंकार का भी उल्लेख किया।

शिक्षकों को कैशलेस इलाज और बीमा सुविधा का जिक्र

सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने बेसिक शिक्षा से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक शिक्षा व्यवस्था से जुड़े शिक्षकों, कर्मचारियों और उनके परिजनों के लिए पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई है। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षकों को बिना वेतन कटौती सुरक्षा बीमा का लाभ दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोतरी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज के मार्गदर्शक हैं और उनके हितों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है।

पुरानी पेंशन और भर्ती व्यवस्था पर भी उठाए सवाल

मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान लागू की गई न्यू पेंशन स्कीम का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस समय कर्मचारियों के खातों में योगदान जमा करने की प्रक्रिया में लापरवाही हुई थी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार ने बाद में कर्मचारियों के खाते खुलवाने और उनमें धनराशि भेजने की दिशा में कदम उठाए।

इसके अलावा उन्होंने पिछली सरकारों के दौरान शिक्षक भर्ती और शिक्षा आयोगों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। ये सभी बातें मुख्यमंत्री ने अपने राजनीतिक संबोधन के दौरान कहीं।

23 अक्टूबर को मतदान, ध्रुव कुमार त्रिपाठी को जिताने की अपील

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक मतदाताओं से भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के पक्ष में मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और शिक्षकों को अपने हितों के लिए काम करने वाले प्रतिनिधि का चयन करना चाहिए।

कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सांसद रवि किशन शुक्ल, जगदंबिका पाल, विजय दुबे सहित कई जनप्रतिनिधि और शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।

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