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अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े 30 बैंक लॉकर जांच के घेरे में, फोरेंसिक टीम ने बढ़ाई सक्रियता

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंचती नजर आ रही है। एसआईटी की फोरेंसिक ऑडिट टीम राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े सभी 30 बैंक लॉकरों की गहन जांच कर रही है। टीम लॉकरों में रखी हर वस्तु का ट्रस्ट के रिकॉर्ड से मिलान कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि अभिलेखों में दर्ज सामान वास्तव में लॉकरों में मौजूद है या नहीं।

जांच प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और साक्ष्य आधारित बनाने के लिए लॉकर खोलने से लेकर उसमें रखी प्रत्येक वस्तु की वीडियोग्राफी और डिजिटल रिकॉर्डिंग की जा रही है। वस्तुओं की पहचान, संख्या, उपलब्धता और संबंधित दस्तावेजों से मिलान किया जा रहा है। जांच का मुख्य उद्देश्य ट्रस्ट के रिकॉर्ड और भौतिक रूप से मौजूद सामान के बीच किसी भी संभावित अंतर को सामने लाना है।

फोरेंसिक ऑडिट टीम केवल सामान की गिनती नहीं कर रही, बल्कि हर वस्तु का विस्तृत डिजिटल साक्ष्य भी तैयार किया जा रहा है। ऑडियो-वीडियो रिकॉर्ड, वस्तु का विवरण और उससे जुड़े अभिलेखों को सुरक्षित माध्यम में संरक्षित किया जा रहा है, ताकि आगे की न्यायिक प्रक्रिया में इन साक्ष्यों की प्रमाणिकता बनी रहे।

सूत्रों के अनुसार, जांच से जुड़े सभी दस्तावेजों और वीडियोग्राफिक साक्ष्यों को डिजिटल रूप में संकलित कर पेन ड्राइव में सुरक्षित किया जा रहा है। इन साक्ष्यों को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश किए जाने की तैयारी है। माना जा रहा है कि एसआईटी की जांच अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और सितंबर के पहले सप्ताह में रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में सौंपी जा सकती है।

इसी बीच दो सितंबर को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक भी प्रस्तावित है। ऐसे में राम मंदिर के 30 बैंक लॉकरों की फोरेंसिक जांच और एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद चढ़ावा चोरी प्रकरण में कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।

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