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जिस AI से थी मुनाफे की उम्मीद, वही बन रहा घाटे की वजह! भारतीय IT सेक्टर पर बड़ा असर

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) भारतीय आईटी कंपनियों के लिए जहां काम को तेज और आसान बना रहा है, वहीं उनकी कमाई पर दबाव भी बढ़ा रहा है। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट के मुताबिक, एआई से होने वाली उत्पादकता का बड़ा फायदा कंपनियों के बजाय उनके क्लाइंट्स को मिल रहा है। इसके चलते वित्त वर्ष 2028 तक भारतीय आईटी सेवा बाजार में सालाना 3 से 3.5 फीसदी तक राजस्व गिरावट की आशंका जताई गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, आईटी कंपनियां जेनरेटिव एआई की मदद से मौजूदा काम को कम समय और कम लागत में पूरा कर रही हैं। लेकिन ग्राहक इस बचत का लाभ कम कीमतों की मांग के जरिए अपने पास ले रहे हैं। बहु-वर्षीय सौदों में भी कंपनियों पर एआई से होने वाली संभावित बचत पहले से ही ग्राहकों को देने का दबाव बढ़ रहा है।

इसका सबसे ज्यादा असर एप्लिकेशन डेवलपमेंट और कस्टमर एक्सपीरियंस बीपीओ सेवाओं पर पड़ने की संभावना है। वहीं इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट और विशेष प्रकार की बीपीओ सेवाओं पर इसका प्रभाव अपेक्षाकृत कम रहने का अनुमान है।

हालांकि, रिपोर्ट में भविष्य के लिए उम्मीद भी जताई गई है। एआई को बड़े स्तर पर लागू करने के लिए डेटा इंजीनियरिंग, साइबर सुरक्षा, टेस्टिंग, गवर्नेंस और पुराने सिस्टम के साथ इंटीग्रेशन जैसी सेवाओं की जरूरत बनी रहेगी। अनुमान है कि 2027-28 के दौरान एआई से जुड़ा कारोबार तेजी पकड़ेगा और वित्त वर्ष 2029 के आसपास आईटी कंपनियों की नई एआई आय पुरानी कमाई में हो रही गिरावट की भरपाई करना शुरू कर सकती है।

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