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पश्चिम एशिया में बड़े ड्रोन ऑपरेशन की तैयारी, सेंटकॉम की ‘फाल्कन स्ट्राइक’ पर सबकी नजर

पश्चिम एशिया में बढ़ते सुरक्षा तनाव के बीच अमेरिका ने ड्रोन युद्ध की अपनी रणनीति को और विस्तार देने की तैयारी की है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ‘टास्क फोर्स फाल्कन स्ट्राइक’ बनाने का एलान किया है। इसे पहला बहुराष्ट्रीय और मल्टी-डोमेन अटैक ड्रोन टास्क फोर्स बताया जा रहा है।

हवा, समुद्र और पानी के नीचे ड्रोन

फाल्कन स्ट्राइक में एकतरफा हमला करने वाले ड्रोन के साथ ऐसे मानवरहित सिस्टम शामिल किए जाएंगे, जो हवा में, समुद्र की सतह पर और समुद्र के नीचे काम कर सकते हैं। अमेरिका का लक्ष्य इन क्षमताओं को क्षेत्रीय साझेदार देशों के साथ एकीकृत कर एक साझा मल्टी-डोमेन ताकत तैयार करना है।

स्कॉर्पियन स्ट्राइक के बाद बड़ा कदम

नई टास्क फोर्स करीब नौ महीने पहले बनाई गई टास्क फोर्स स्कॉर्पियन स्ट्राइक के अनुभव पर आधारित होगी। स्कॉर्पियन स्ट्राइक अमेरिकी सेना की मध्य पूर्व में पहली समर्पित वन-वे अटैक ड्रोन यूनिट थी। इस यूनिट ने दिसंबर 2025 में अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत से अटैक ड्रोन लॉन्च करने की उपलब्धि हासिल की थी।

क्षेत्रीय देशों को भी जोड़ेगा अमेरिका

CENTCOM ने क्षेत्रीय साझेदारों से बातचीत शुरू कर दी है और उन्हें फाल्कन स्ट्राइक में शामिल होने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया जा रहा है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कौन-कौन से देश इस टास्क फोर्स में शामिल होंगे।

SOCCENT संभालेगा स्टाफ की कमान

टास्क फोर्स के स्टाफ का नेतृत्व यूएस स्पेशल ऑपरेशंस कमांड सेंट्रल (SOCCENT) के अधिकारी करेंगे। यही कमांड स्कॉर्पियन स्ट्राइक की शुरुआत में भी शामिल थी। नई टास्क फोर्स में अमेरिकी अधिकारियों के साथ क्षेत्रीय साझेदार देशों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा।

एडमिरल ब्रैड कूपर ने बताई रणनीति

CENTCOM कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर के मुताबिक, फाल्कन स्ट्राइक स्कॉर्पियन स्ट्राइक की सफलता को आगे बढ़ाएगी। उनका कहना है कि अमेरिका और उसके क्षेत्रीय साझेदारों की नई क्षमताओं को एक साथ जोड़ने से ड्रोन युद्ध में नई संभावनाओं का तेजी से इस्तेमाल किया जा सकेगा।

फाल्कन स्ट्राइक के जरिए अमेरिका पश्चिम एशिया में ड्रोन क्षमताओं को एक साझा ढांचे में लाने और बहुराष्ट्रीय स्तर पर एकीकृत प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

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