कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन को संबोधित करते हुए उन्होंने सरकार पर लोगों की आवाज दबाने का आरोप लगाया। राहुल ने विदेश नीति, चीन के साथ सीमा विवाद, GST, नोटबंदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए।
छात्रों और महिला का किया जिक्र
राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का जिक्र करते हुए कहा कि वे अपनी समस्याएं सामने रखना चाहते थे, लेकिन उन्हें अपनी बात रखने से रोका गया। उन्होंने उत्तराखंड की एक महिला का भी उल्लेख किया, जो अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग कर रही थी।
राहुल ने आरोप लगाया कि सरकार व्यवस्था के नाम पर लोगों की आवाज दबाना चाहती है, जबकि कांग्रेस और विपक्ष का काम लोगों को अपनी बात रखने का अवसर देना है।
मोदी और शाह पर भी साधा निशाना
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। उन्होंने प्रधानमंत्री के मीडिया से संवाद को लेकर सवाल उठाते हुए पूछा कि वह प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं करते।
उन्होंने दावा किया कि जब तक प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह इस्तीफा नहीं देते, तब तक विपक्ष उन्हें चैन से नहीं बैठने देगा। हालांकि, ये राहुल गांधी के राजनीतिक आरोप और दावे हैं।
RSS पर भी लगाए आरोप
राहुल गांधी ने RSS को लेकर भी कई आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि संगठन पर बड़े पूंजी का प्रभाव बढ़ गया है और GST तथा नोटबंदी जैसी नीतियों से छोटे कारोबारियों को नुकसान हुआ।
राहुल ने आरोप लगाया कि मौजूदा RSS का स्वरूप बदल गया है और संगठन बड़े पूंजीपतियों के हित में काम कर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उद्योगपति गौतम अदाणी को लेकर भी आरोप लगाए।
विदेश नीति पर सरकार को घेरा
राहुल गांधी ने विदेश नीति को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय संबंध केवल व्यक्तिगत मित्रता या दूसरे देशों के नेताओं को गले लगाने तक सीमित नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की प्राथमिक जिम्मेदारी देश के हितों की रक्षा करना है।
उन्होंने अपने बचपन की एक अमेरिका यात्रा का किस्सा भी साझा किया और कहा कि कूटनीति को केवल दोस्ताना व्यवहार के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
चीन और ईरान का भी किया जिक्र
राहुल गांधी ने चीन के साथ सीमा विवाद को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि चीन ने भारत को कुछ क्षेत्रों में पेट्रोलिंग से रोका, जबकि सरकार ने इस मुद्दे को दबाने की कोशिश की।
उन्होंने ईरान में युद्ध की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि भारत के पास अपने पुराने संबंधों और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव का इस्तेमाल कर अपनी भूमिका मजबूत करने का अवसर था। राहुल ने दावा किया कि इस मामले में पाकिस्तान भारत से आगे निकल गया।
राहुल गांधी के भाषण में केंद्र सरकार की नीतियों और विदेश नीति को लेकर कई आरोप लगाए गए। इन दावों पर सरकार की ओर से प्रतिक्रिया इस खबर में शामिल नहीं है।
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