राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत का अभियान समाप्त हो गया है। भारतीय दल ने इस बार 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य सहित कुल 39 पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। हालांकि प्रतियोगिता के अंतिम दिन भारत को कोई पदक नहीं मिला। अब भारतीय समयानुसार रात 1:30 बजे समापन समारोह आयोजित होगा।
समापन समारोह में मौजूदा विश्व चैंपियन मुक्केबाज जैस्मिन लंबोरिया भारतीय दल की ध्वजवाहक होंगी। समारोह के दौरान अगले राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी का औपचारिक हैंडओवर भारत को सौंपा जाएगा। इस अवसर पर भारत अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रमंडल देशों के साथ साझा मूल्यों की झलक भी पेश करेगा।
अंतिम दिन भारत को जूडो और ट्रैक साइकिलिंग से पदकों की उम्मीद थी, लेकिन खिलाड़ियों को सफलता नहीं मिली। जूडो में ईशरूप नारंग कांस्य पदक मुकाबला हार गईं, जबकि अवतार सिंह और यश घंघास शुरुआती दौर में बाहर हो गए। ट्रैक साइकिलिंग में भी भारतीय खिलाड़ी पदक जीतने में नाकाम रहे।
इन खेलों में भारत की सबसे बड़ी सफलता मुक्केबाजी रही, जहां टीम ने 7 स्वर्ण सहित कुल 10 पदक जीते। वहीं एथलेटिक्स और मुक्केबाजी में 10-10 पदक भारत की झोली में आए। जूडो में पहली बार भारत ने 2 स्वर्ण जीतकर इतिहास रचा, जबकि पैरा एथलेटिक्स में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई पदक अपने नाम किए।
कुश्ती, बैडमिंटन और हॉकी जैसे पारंपरिक मजबूत खेलों की अनुपस्थिति के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में दमदार प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन किया।
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