समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में प्रदेश के 26,386 सरकारी स्कूल बंद या मर्ज कर दिए गए, जबकि प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों का नामांकन लगातार घट रहा है।
सपा विधानमंडल दल की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में करीब 28 लाख छात्रों का नामांकन कम हुआ है, जिनमें 25 लाख दलित और पिछड़े वर्ग के बच्चे शामिल हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि इनमें 16 लाख छात्राएं हैं। साथ ही, सरकारी शिक्षकों की संख्या में 62 हजार की कमी आई है और कक्षा 1 से 8 तक 1.40 लाख स्वीकृत पद घटा दिए गए हैं।
अखिलेश के अनुसार, सबसे अधिक लखीमपुर खीरी में 758, सीतापुर में 650, प्रयागराज में 638 और गोरखपुर में करीब 500 प्राथमिक स्कूल बंद या मर्ज किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को कमजोर कर दिया है।
सपा प्रमुख ने विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार केवल औपचारिकता निभाने के लिए चार दिन का सत्र बुला रही है और जनता के अहम मुद्दों से बचने की कोशिश कर रही है।
इसके अलावा अखिलेश यादव ने छात्रों के आंदोलन, फतेहपुर की घटना, एक्सप्रेसवे निर्माण, कानून-व्यवस्था और अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद समेत कई मुद्दों पर भी भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रदेश की समस्याओं का समाधान सत्ता परिवर्तन से ही संभव है।
satyamorcha.com Hindi News, latest and breaking news in Hindi