भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज और 2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में ऐतिहासिक जीत के नायक रहे अजिंक्य रहाणे ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। रहाणे अब इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में भी खेलते नजर नहीं आएंगे। उन्होंने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा करते हुए अपने फैसले की जानकारी दी।
संन्यास की घोषणा करते हुए रहाणे ने लिखा, “कैप नंबर 278 अब यहीं तक। वर्षों तक मिले आपके प्यार और समर्थन के लिए दिल से धन्यवाद। मैं हमेशा आपका आभारी रहूंगा।” उनके इस संदेश के बाद क्रिकेट जगत के कई खिलाड़ियों और प्रशंसकों ने उन्हें शानदार करियर के लिए शुभकामनाएं दीं।
रहाणे के करियर का सबसे यादगार अध्याय 2020-21 का ऑस्ट्रेलिया दौरा रहा। एडिलेड टेस्ट में भारत के 36 रन पर सिमटने और नियमित कप्तान विराट कोहली के स्वदेश लौटने के बाद उन्होंने टीम की कमान संभाली। मेलबर्न टेस्ट में शतकीय पारी खेलकर भारत को दमदार वापसी दिलाई और उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को उसी की सरजमीं पर 2-1 से हराकर ऐतिहासिक बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी अपने नाम की।
अजिंक्य रहाणे लंबे समय तक विदेशी परिस्थितियों में भारत के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में गिने गए। उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 मुकाबले खेले। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 5,077 रन और 12 शतक दर्ज हैं, जबकि तीनों प्रारूपों को मिलाकर उन्होंने 8,414 रन बनाए। रहाणे 2015 वनडे विश्व कप में सेमीफाइनल तक पहुंची भारतीय टीम का भी हिस्सा रहे और 2023 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र में भारत के प्रमुख रन स्कोररों में शामिल रहे।
रहाणे ने भारत के लिए अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला जुलाई 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था। इसके बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट में वापसी की कोशिश की, लेकिन राष्ट्रीय टीम में दोबारा जगह नहीं बना सके। अब उन्होंने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेकर अपने शानदार करियर पर पूर्ण विराम लगा दिया।
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