अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने 2027 पुरुष वनडे विश्व कप के प्रारूप में बड़ा बदलाव किया है। दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की मेजबानी में होने वाले टूर्नामेंट में 14 टीमें हिस्सा लेंगी, लेकिन पहली बार ‘सुपर सीरीज’ और ‘सुपर-7’ जैसे नए चरण शामिल किए गए हैं। आईसीसी का कहना है कि नए फॉर्मेट का उद्देश्य शुरुआती मुकाबलों को अधिक प्रतिस्पर्धी और रोमांचक बनाना है।
क्या बदला नया फॉर्मेट?
नए प्रारूप के तहत आईसीसी रैंकिंग की सबसे निचली तीन टीमें पहले सुपर सीरीज खेलेंगी। इस चरण से केवल एक टीम मुख्य प्रतियोगिता में पहुंचेगी, जबकि दो टीमें बाहर हो जाएंगी। इसके बाद बची 12 टीमों को दो समूहों में बांटकर ग्रुप चरण खेला जाएगा।
पहली बार होगा सुपर-7 राउंड
ग्रुप चरण के बाद दोनों समूहों की शीर्ष तीन-तीन टीमें और चौथे स्थान पर रहने वाली दो टीमों में बेहतर प्रदर्शन करने वाली एक टीम सुपर-7 में पहुंचेगी। यहां सभी सात टीमें आपस में मुकाबला करेंगी और अंक तालिका की शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी। इसके बाद सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे।
किसे होगा फायदा, किसे नुकसान?
नए फॉर्मेट से मजबूत टीमों को अधिक प्रतिस्पर्धी मुकाबले मिलेंगे और सेमीफाइनल की जंग आखिरी चरण तक रोमांचक बनी रहेगी। हालांकि निचली रैंकिंग वाली दो टीमें मुख्य ग्रुप चरण खेले बिना ही बाहर हो जाएंगी, जिससे उन्हें विश्व कप में कम मैच खेलने का मौका मिलेगा।
2023 से कितना अलग?
2023 वनडे विश्व कप में 10 टीमें थीं और सभी ने एक-दूसरे के खिलाफ लीग मैच खेले थे। शीर्ष चार टीमें सीधे सेमीफाइनल में पहुंची थीं। वहीं 2027 विश्व कप में 14 टीमों, सुपर सीरीज और सुपर-7 के साथ टूर्नामेंट का ढांचा पूरी तरह बदला हुआ नजर आएगा।
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