राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी पड़ताल का दायरा बढ़ाते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि की भूमिका और वित्तीय जिम्मेदारियों की भी जांच की है। सूत्रों के अनुसार, जांच टीम ने चढ़ावा प्रबंधन, वित्तीय व्यवस्था और संबंधित अभिलेखों का सत्यापन किया है। हालांकि अंतिम रिपोर्ट में उनकी भूमिका को लेकर क्या निष्कर्ष निकला है, इसका आधिकारिक खुलासा अभी नहीं किया गया है।
वैदेही भवन पहुंचकर जुटाई जानकारी
जांच के दौरान एसआईटी की टीम अयोध्या स्थित वैदेही भवन भी पहुंची, जहां स्वामी गोविंद देव गिरि अपने प्रवास के दौरान ठहरते हैं। टीम ने वहां मौजूद महंत और सेवादारों से पूछताछ कर उनके प्रवास, ठहरने की व्यवस्था और प्रशासनिक जिम्मेदारियों से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई।
वित्तीय प्रबंधन और चढ़ावा व्यवस्था की जांच
सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष के रूप में स्वामी गोविंद देव गिरि की प्रशासनिक एवं वित्तीय जिम्मेदारियों के साथ-साथ चढ़ावा प्रबंधन में उनकी भूमिका की भी पड़ताल की। इस दौरान संबंधित दस्तावेजों और रिकॉर्ड का सत्यापन भी किया गया।
अंतिम रिपोर्ट का इंतजार
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच अंतिम चरण में है और एसआईटी जल्द ही अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप सकती है। माना जा रहा है कि अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ट्रस्ट के विभिन्न पदाधिकारियों की भूमिका और जिम्मेदारियों को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
इस बीच, हाल ही में स्वामी गोविंद देव गिरि ने पूर्व महासचिव चंपत राय से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य का हाल जाना था। उन्होंने कहा था कि चंपत राय पूरी तरह स्वस्थ हैं और ट्रस्ट के नए फैसलों तथा व्यवस्थाओं के साथ मजबूती से खड़े हैं।
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