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लखनऊ हादसे के बाद बड़ा एक्शन, जर्जर बिल्डिंग ढहाई जाएगी; अखिलेश ने मांगा 1 करोड़ मुआवजा

लखनऊ के अलीगंज स्थित दो मंजिला इमारत में हुए भीषण अग्निकांड में मृतकों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। मंगलवार को हादसे की जांच के लिए गठित एसआईटी और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और महत्वपूर्ण सबूत जुटाए। जांच टीम में आईएएस अमृत अभिजात और एडीजी प्रवीण कुमार शामिल हैं।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस इमारत में आग लगी, वह अवैध निर्माण की श्रेणी में थी। वर्ष 2016 में इसे ध्वस्त करने का आदेश जारी किया गया था, जिसे बाद में निरस्त कर दिया गया। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने भवन मालिक को नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा है। अधिकारियों के मुताबिक, जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर इमारत को गिराया जाएगा।

यह इमारत रामेश्वरम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (RITM) के मालिक वीरेंद्र शुक्ला की बताई जा रही है। पुलिस ने गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर वीरेंद्र शुक्ला समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में LDA के छह अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई की तैयारी है।

हादसे के बाद पूरे प्रदेश में कोचिंग सेंटरों और होटलों की जांच शुरू कर दी गई है। अब तक फायर सेफ्टी मानकों का पालन न करने पर 48 कोचिंग सेंटर और 3 होटल सील किए जा चुके हैं। प्रशासन विभिन्न जिलों में सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच कर रहा है।

इस बीच समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केजीएमयू पहुंचकर घायलों और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने, घायलों के मुफ्त इलाज और आर्थिक सहायता की मांग की।

सरकार ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और सात दिन के भीतर एसआईटी से रिपोर्ट मांगी है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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