स्वाइन फ्लू का संक्रमण कुछ लोगों के लिए गंभीर साबित हो सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, संक्रमण बढ़ने पर इसका असर फेफड़ों पर पड़ सकता है और मरीज को सांस लेने में परेशानी हो सकती है।
स्वाइन फ्लू के सामान्य लक्षणों में तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द, सिरदर्द, थकान और कमजोरी शामिल हैं। लेकिन अगर बुखार और खांसी के साथ सांस फूलने लगे या सांस लेने में दिक्कत महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
खास तौर पर 65 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग, कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग और पहले से किसी गंभीर या पुरानी बीमारी से जूझ रहे मरीजों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। इन लोगों में फ्लू का संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है।
फ्लू से बचाव के लिए वैक्सीन भी एक महत्वपूर्ण उपाय हो सकती है। हालांकि, आईसीएमआर के अनुसार फ्लू वैक्सीन हर व्यक्ति के लिए जरूरी नहीं है। जोखिम वाले लोग डॉक्टर की सलाह के बाद वैक्सीन लगवाने पर विचार कर सकते हैं।
विशेषज्ञों ने भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतने, खांसते और छींकते समय मुंह-नाक ढकने और हाथों की साफ-सफाई रखने की सलाह दी है। गंभीर लक्षण दिखने पर खुद से दवा लेने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
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