Wednesday , November 4 2026

नेपाल बाढ़ में तबाही के बीच बड़ा फैसला, राहत-बचाव के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग का रास्ता खुला

नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन से हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। अब नेपाल सरकार ने राहत और बचाव कार्यों में विदेशी मदद लेने पर सहमति जताई है। सरकार के इस फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की मदद से सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने और शवों की पहचान का काम किया जाएगा।

खराब मौसम से रेस्क्यू अभियान रुका

त्रिशूली नदी में भारी बारिश के कारण मौसम बिगड़ने से राहत और बचाव अभियान अस्थायी रूप से रोकना पड़ा है। खराब मौसम के चलते हेलीकॉप्टर भी उड़ान नहीं भर पा रहे हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद आसपास के इलाकों से लोगों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

579 से ज्यादा लोगों की मौत

नेपाल में आई अचानक बाढ़ से अब तक 579 से अधिक लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि 1900 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। लापता लोगों में करीब 30 देशों के नागरिक शामिल बताए जा रहे हैं।

WHO ने भी बढ़ाई मदद

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने नेपाल के लिए 1.50 लाख अमेरिकी डॉलर की तत्काल सहायता जारी की है। WHO की ओर से आपातकालीन स्वास्थ्य सामग्री भी भेजी गई है, जिससे करीब 10 हजार लोगों को तीन महीने तक जरूरी सहायता मिल सकती है।

भारत की ओर से भी राहत सामग्री भेजी गई

भारत लगातार नेपाल में राहत अभियान में सहयोग कर रहा है। भारतीय वायुसेना का सी-130 विमान दवाओं और खाद्य सामग्री समेत 10 टन राहत सामग्री लेकर रवाना हुआ है। कई भारतीय नागरिकों और तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकालकर स्वदेश लाया जा चुका है।

Check Also

अमेरिकी चुनाव में भारतीय मूल के सुहास सुब्रमण्यम की जीत: वर्जीनिया से दोबारा बने सांसद, जानें कितने वोट मिले

अमेरिका में 2026 के मध्यावधि चुनाव के नतीजे सामने आने लगे हैं। चुनाव में भारतीय ...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *