उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विजयादशमी के अवसर पर भगवान श्रीराम की जन्मभूमि का जिक्र करते हुए कहा कि करीब 500 साल पहले राम जन्मभूमि अन्याय का शिकार हुई थी। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने अन्याय और अधर्म के खिलाफ संघर्ष का संदेश दिया और अपने संकल्प को पूरा किया।
विजयादशमी के पावन अवसर पर भगवान श्रीराम का राजतिलक करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को पर्व की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने विजयादशमी के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर भी प्रकाश डाला।
विजयादशमी सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है
सीएम योगी ने कहा कि शारदीय नवरात्रि के बाद विजयादशमी सनातन धर्म का महापर्व है। हजारों वर्ष पहले अयोध्या में राजा दशरथ के ज्येष्ठ पुत्र के रूप में भगवान श्रीहरि विष्णु ने श्रीराम के रूप में अवतार लिया और अन्याय व अधर्म के खिलाफ संघर्ष का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयादशमी लोगों को सत्य, धर्म और जनकल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। भगवान श्रीराम का जीवन अन्याय के विरुद्ध खड़े होने और धर्म की स्थापना का संदेश देता है।
आक्रमणकारियों ने कई देशों की संस्कृतियों को किया नष्ट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दुनिया में आक्रमणकारियों ने कई देशों की संस्कृतियों को नष्ट कर दिया, जिसके कारण वे धीरे-धीरे लुप्त हो गईं। उन्होंने कहा कि करीब 500 वर्ष पहले मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की जन्मभूमि भी अन्याय का शिकार बनी थी।
सीएम योगी ने भगवान श्रीराम के संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अन्याय के खिलाफ जो संकल्प लिया था, उसे पूरा किया और धरती से राक्षसों का समूल नाश किया। मुख्यमंत्री ने विजयादशमी के पर्व को धर्म की अधर्म पर विजय और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक बताया।
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