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शाहजहांपुर में कांग्रेसियों और पुलिस के बीच टकराव, छह दरोगा रहे बेबस; पुतला दहन के दौरान हंगामा

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का प्रतीकात्मक पुतला जलाने के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच टकराव हो गया। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के राष्ट्रीय आह्वान पर आयोजित प्रदर्शन में छह उपनिरीक्षकों समेत पुलिस बल तैनात था, इसके बावजूद कार्यकर्ताओं ने पुतला जला दिया। बाद में पुतले के अवशेष को लेकर पुलिस और कांग्रेसियों के बीच खींचतान हुई। इस दौरान एक उपनिरीक्षक पर युवा नेता का गिरेबान पकड़ने का आरोप लगा, जिसके बाद कार्यकर्ता भड़क गए।

पुलिस की मौजूदगी में जलाया पुतला

जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रफी उल हसन के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता एकत्र हुए। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने कार्यालय के मुख्य गेट और दूसरे निकास पर छह उपनिरीक्षकों समेत पुलिसकर्मियों को तैनात किया था।

करीब एक बजे कार्यकर्ता बाहर निकले और पुलिस के सामने नारेबाजी करने लगे। इसी दौरान एक कार्यकर्ता पेट्रोल से भीगा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का प्रतीकात्मक पुतला लेकर आया और उसमें आग लगा दी। पुलिसकर्मियों ने कार्यकर्ताओं को रोकने की कोशिश की, लेकिन पुतला जल गया।

पुतले के अवशेष को लेकर हुई खींचतान

पुतले में आग लगने के बाद पुलिस ने उसे बुझाने का प्रयास किया और कुछ जले हुए अवशेष अपने कब्जे में ले लिए। पुलिसकर्मी इन अवशेषों को लेकर आरएसएस कार्यालय वाली गली की ओर पहुंचे तो युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामजी अवस्थी अन्य कार्यकर्ताओं के साथ वहां पहुंच गए। उन्होंने पुलिस से पुतले के अवशेष लेने की कोशिश की, जिसके बाद दोबारा खींचतान और नोकझोंक शुरू हो गई।

आरोप है कि इसी दौरान एक उपनिरीक्षक ने रामजी अवस्थी का गिरेबान पकड़ लिया। इस पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया और हंगामा शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि वे दोबारा पुतला दहन करेंगे।

युवा नेता की अंगुलियों में लगी चोट

मामला बढ़ता देख कांग्रेस जिलाध्यक्ष रजनीश गुप्ता मौके पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं को शांत कराया। खींचतान के दौरान युवा नेता राहिल अंसारी की अंगुलियों में चोट लग गई, जिससे खून निकलने लगा। वहीं, रामजी अवस्थी की कमीज के बटन टूट गए।

प्रदर्शन के दौरान पीसीसी सदस्य कृष्ण विनोद मिश्रा और एक उपनिरीक्षक के बीच भी कहासुनी हुई। आरोप है कि दरोगा ने उनसे कहा, ‘तुम्हारा ठेका है क्या…’। इस टिप्पणी पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई। उन्होंने पुलिसकर्मियों की नेम प्लेट नहीं होने पर भी सवाल उठाए। बाद में अन्य उपनिरीक्षकों ने कार्यकर्ताओं को कार्यालय के अंदर ले जाकर मामला शांत कराया।

कांग्रेस ने पुलिस पर लगाए आरोप

कांग्रेस जिलाध्यक्ष रजनीश गुप्ता ने आरोप लगाया कि पुलिस विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराना विपक्ष का अधिकार है। वहीं, सीओ सिटी देवव्रत वाजपेयी ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान मामूली नोकझोंक हुई थी।

फिलहाल, पुतला दहन के दौरान हुए इस घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी।

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