प्रमोद तिवारी, सांसद, उप नेता, राज्य सभा ने कहा है कि केन्द्र सरकार जो बजट प्रस्तुत किया था, सर्वे में आर्थिक जानकारों ने जैसी आषंका व्यक्त की थी कि देष की अर्थव्यवस्था की स्थिति बद से बदतर हो रही है उसी का परिणाम है कि आज एक डालर के मुकाबले भारतीय रुपया अपने न्यूनतम स्तर 83.74 पर पहंुॅच गया है, अर्थात अमेरिकी डाॅलर भारतीय रुपये के मुकाबले 83 गुना से ज्यादा मजबूत हो गया है , इससे हमारे आयात पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और क्रूड ऑयल/ कच्चा तेल सहित कई जरूरी चीजों की कीमतें भी बढ़ जायेगी, जिसका सीधा असर देष की बाजार और देष के नागरिकों पर पड़ेगा – किन्तु ‘‘मोदी सरकार’’ झूॅूठ के लबादे में देष की दुर्दषा कराने में लगी है । भारतीय रिजर्व बैंक अपनी पूरी ताकत के साथ मदद कर रहा है कि रुपये की कीमत कम न होने पाये परन्तु स्थिति उसके नियंत्रण के बाहर चली गयी है।
तिवारी ने कहा है कि ‘‘मोदी सरकार’’ झूॅंठ बोलना बन्द करे, और वास्तविकता का सामना करते हुये स्थिति को नियंत्रित करने का हर संभव प्रयास करे जिससे भारतीय रुपये की स्थिति मजबूत हो सके ।
श्री तिवारी ने कहा है कि उत्तर प्रदेष सरकार के माननीय मुख्यमन्त्री, उप मुख्यमन्त्री, प्रदेष के मंत्रीगण, भा.ज.पा. प्रदेष अध्यक्ष और भा.ज.पा. के विधायक आपसी खींचतान में व्यस्त हैं, और एक – दूसरे को गिराने में पूरी ताकत लगा रहे हैं । उत्तर प्रदेष के मध्यांचल और पूर्वान्चल के कई जनपदों में आवर्षण के कारण कम पानी बरसने से सूखे जैसी स्थिति हो गयी है, बार- बार प्रयास करने के बावजूद भी शारदा सहायक की नहरों, रजबहों एवं माइनरों में किसानों को सिंचाई के लिये पानी नहीं मिल रहा है, जिससे फसल खेतों में सूख रही है, यदि फसल बच भी गयी तो उसका उत्पादन बहुत कम होगा या फिर फसल ही खेतों में सूख जायेगी ।
तिवारी ने कहा है कि प्रदेष में बिजली की हालत बद से बदतर हो रही है, बिजली की आपूर्ति आवष्यकतानुसार नहीं हो रही है। उन्होंने कहा है कि सरकार आपसी झगड़े छोंड़े, और फसलों की सिंचाई के लिये नहरों में पर्याप्त पानी उपलब्ध कराये, तथा यदि बिजली का उत्पादन कम हो रहा है तो जहांॅ ‘‘सरप्लस’’ बिजली हो वहांॅ से खरीदे और किसानों तक पर्याप्त बिजली पहंुॅचाये
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