प्रयागराज के जाने-माने न्यूरो सर्जन डॉ. कार्तिकेय शर्मा पर गुरुवार को बैडटच की FIR दर्ज की गई है। BA की छात्रा ने उन पर छेड़खानी का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि डॉक्टर ने जबरन उसके कपड़े उतरवाए। फिर गंदी नीयत से छुआ। सिविल लाइंस पुलिस ने छात्रा की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया। छात्रा को मेडिकल के लिए भेजा गया है।
घटना बुधवार रात 10.30 बजे क्लाइव रोड इलाके की है। यहां डॉक्टर कार्तिकेय शर्मा (55) का घर है। डॉ. कार्तिकेय घर पर ही क्लिनिक चलाते हैं। देर रात तक मरीज देखते हैं। धूमनगंज की रहने वाली 24 साल की BA की छात्रा अपने भाई के साथ माइग्रेन के इलाज के लिए पहुंची थी। छात्रा को 74वां नंबर मिला था।
भाई का कहना है कि मुझे जरूरी काम था। इसलिए बहन को छोड़कर चला गया था। बाद में लौटा तो हंगामा हो रहा था। बहन के पास पहुंचा तो उसने पूरी बात बताई। फिर घरवालों और पुलिस को सूचना दी।
इस बीच हंगामे का एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें दिख रहा है कि डॉक्टर अपने घर का गेट बंद कर अंदर खड़े हैं। बाहर खड़े छात्रा के घरवालों से उनकी नोकझोंक हो रही है। वीडियो में छात्रा रोते हुए कह रही है कि आपने मेरे कपड़े क्यों उतारवाए? उधर, डॉक्टर आरोपों से इनकार करते हुए यह कहते नजर आ रहे हैं कि उन्होंने कुछ नहीं किया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
रात 10:30 बजे छात्रा का नंबर आया
छात्रा के पिता की मौत हो चुकी है। उनके परिवार में मां और भाई हैं। भाई प्राइवेट नौकरी करता है। छात्रा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि रात करीब 10:30 बजे मेरा नंबर आया। मैं चैंबर में पहुंची तो डॉक्टर ने अन्य मरीजों को यह कहकर बाहर कर दिया कि जांच करनी है। जब मैं केबिन में अकेले रह गई तो चैंबर के दोनों दरवाजे अंदर से बंद कर लिए।
मेरे कपड़े उतारने लगे, विरोध पर धमकी दी
छात्रा ने बताया- इसके बाद जांच करने की बात कहकर डॉक्टर मेरे ऊपर के कपड़े उतारने लगे। छेड़खानी करने लगे। फिर मुझसे नीचे के कपड़े भी उतारने को कहा। मैं घबरा गई। मैंने कहा कि मुझे जांच नहीं करानी, तो जबरदस्ती करने लगे। मैं रोने लगी तो धमकाया और पीछे हट गए। इसके बाद तब तक दरवाजे नहीं खोले, जब तक कि मैंने अपने कपड़े ठीक नहीं कर लिए।
भाई को फोन कर बुलाया, आपबीती सुनाई
छात्रा ने बताया- मैंने बाहर आकर तुरंत भाई को फोन कर बुलाया। मेरी हालत देखकर पहले से मौजूद मरीजों और तीमारदारों ने डॉक्टर को घेर लिया। उनसे सवाल करने लगे। जब भाई आया तो मैंने उसे पूरी बात बताई। परिवार के अन्य लोग भी पहुंच गए। डायल 112 को जानकारी दी। कुछ देर बाद सिविल लाइंस थाने की पुलिस भी आ गई। फिर छात्रा को घरवालों के साथ थाने ले जाया गया।
मरीज डॉक्टर के चैंबर में घुसे, खरी-खोटी सुनाई
छात्रा के घरवालों ने बताया- बेटी रोते हुए बाहर निकली तो अन्य मरीजों और तीमारदारों ने इसकी वजह पूछी। उसने आपबीती सुनाई तो लोग डॉक्टर के चैंबर में घुस गए। खरी-खोटी सुनाने लगे। इस पर डॉक्टर ने अपने स्टाफ को बुलाकर सभी को बाहर निकाल दिया। गेट अंदर से बंद कर लिया।
डॉक्टर बोले- मैं पेट की जांच कर रहा था
इस पूरे मामले में डॉ. कार्तिकेय शर्मा ने बताया- लड़की आई थी। मैंने पेट एक्जामिन किया। इससे इनकार नहीं करूंगा। इसके अलावा जो भी बातें लड़की ने कही हैं, वो झूठी हैं। जहां तक फीमेल स्टाफ की बात है, तो हमारी फीमेल स्टाफ उस समय ड्यूटी पर थी। कुछ देर के लिए वह एक अन्य मरीज को इंजेक्शन लगाने चली गई थी। इसमें बमुश्किल 3 मिनट का वक्त लगा।
महिला मरीज का चेकअप करना है तो दरवाजे बंद करने ही पड़ते हैं। लड़की का कई सालों से इलाज चल रहा है। वह साइकोसिस यानी अवसाद की पेशेंट है। पहले एक बार मेरे अस्पताल गुरु गोविंद सिंह मेमोरियल अस्पताल में भर्ती भी रह चुकी है।
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