सरकार ने मंगलवार को राष्ट्रीय प्रोटोकॉल लॉन्च किया है जो आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को दिव्यांगों को ट्रैक करने और उनकी मदद करने में मदद करेगा। महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि पहली बार आंगनवाड़ी कार्यकर्ता इस मुद्दे पर जागरूकता फैला रहे हैं।
स्मृति ईरानी ने कहा, ‘पहली बार आंगनवाड़ी बहनों ने जागरूक किया है कि दिव्यांग समाज के लिए कोई चुनौती नहीं है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 दिव्यांगों को मुख्यधारा के स्कूलों मे भर्ती लेने पर जोर देता है।’
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘हमें मालूम है कि बच्चों में 85 फीसदी दिमाग का विकास छह वर्ष की आयु तक ही हो जाता है। आज हमारी शिक्षा प्रणाली में दिव्यांगों के लिए नए प्रावधान हैं। दिव्यांग बच्चों के लिए जमीनी स्तर पर डेटा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से मिल जाएगा।’
दिव्यांगों के लिए राष्ट्रीय नीति के ड्राफ्ट के अनुसार यदि विकलांगता का शीघ्र पता लगा लिया जाए तो भारत में एक तिहाई विकलांगताओं को रोका जा सकता है। पोशण भी पढ़ाई भी का मुख्य लक्ष्य भारत के आने वाली पीढ़ियों के लिए नींव को मजबूत करना है।
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