दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए जेन-जी आंदोलन के बाद अब उत्तर प्रदेश में भी युवाओं के बीच संवाद बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। चुनावी साल में भाजपा युवा नेताओं और कार्यकर्ताओं की टीम को स्कूल-कॉलेजों तक भेजकर जेन-जी की समस्याओं, अपेक्षाओं और सरकार को लेकर उनकी राय समझने की कोशिश करेगी।
विधानसभावार बनाई जाएंगी युवा टीम
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, अभियान के तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 10-10 युवाओं की टीमें तैयार की जाएंगी। इन टीमों में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के पदाधिकारियों और जिला स्तर के कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका रहेगी।
ये टीमें स्कूल-कॉलेजों में पढ़ने वाले युवाओं से सीधे संवाद करेंगी और उनकी समस्याओं, अपेक्षाओं तथा सरकार को लेकर राय जानेंगी। साथ ही युवाओं को रोजगार, शिक्षा और कौशल विकास से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।
सरकार की योजनाओं की जानकारी के साथ विपक्ष को जवाब
भाजपा की युवा टीमों को केवल सरकार की उपलब्धियां बताने तक सीमित नहीं रखा जाएगा। पार्टी सूत्रों के अनुसार, युवाओं के बीच सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल माध्यमों से पहुंच रहे सरकार विरोधी संदेशों का तथ्यों के आधार पर जवाब देने की जिम्मेदारी भी टीमों को दी जाएगी।
पार्टी का मानना है कि जेन-जी का बड़ा हिस्सा सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय है। ऐसे में पारंपरिक राजनीतिक संवाद के बजाय युवाओं के सवालों और चिंताओं को सीधे सुनना और उनका जवाब देना जरूरी है।
संगठन के गठन के बाद शुरू होगा अभियान
यह अभियान प्रदेश भाजपा और भाजयुमो के नए प्रदेश संगठन के गठन के बाद शुरू किए जाने की तैयारी है। पार्टी की कोशिश है कि जमीनी स्तर पर युवाओं से संपर्क बढ़ाकर उनकी समस्याओं को समझा जाए और उनके बीच संगठन की पकड़ मजबूत की जाए।
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