उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में वीबी-जी राम जी योजना के तहत कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। पूरनपुर ब्लॉक की 39 ग्राम पंचायतों में श्रमिकों की फर्जी हाजिरी दर्ज करने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार तस्वीरें अपलोड कर लाखों रुपये की धनराशि निकालने का आरोप है। शासन स्तर पर कराई गई जांच में मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) ने प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है।
39 ग्राम पंचायतों में गड़बड़ी का आरोप
जानकारी के अनुसार, वीबी-जी राम जी योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराना है। इसके तहत ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कराकर मजदूरों को काम दिया जाता है। लेकिन पूरनपुर ब्लॉक की कई ग्राम पंचायतों में इस योजना के तहत कथित तौर पर अनियमितताएं किए जाने का मामला सामने आया है।
आरोप है कि श्रमिकों की वास्तविक उपस्थिति के बजाय फर्जी हाजिरी दर्ज की गई। इसके अलावा, AI से तैयार की गई तस्वीरें अपलोड कर काम होने का प्रमाण दिखाया गया और इसी आधार पर लाखों रुपये की धनराशि निकाल ली गई। शासन स्तर पर मामले की पड़ताल के दौरान गड़बड़ी सामने आने के बाद संबंधित ग्राम पंचायतों की सूची अधिकारियों को भेजी गई।
इन ग्राम पंचायतों के नाम आए सामने
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, पूरनपुर ब्लॉक की माधोटांडा, जमुनिया जगतपुर, नहरोसा, गुलड़िया भूपसिंह, मथना जप्ती, हरीपुर कला और कबीरगंज समेत कुल 39 ग्राम पंचायतों में कथित अनियमितताओं की बात सामने आई है। इन पंचायतों में योजना के तहत किए गए कार्यों, श्रमिकों की हाजिरी और अपलोड की गई तस्वीरों की जांच की जाएगी।
एक ही फोटो कई बार अपलोड करने का भी आरोप
मामले में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ ग्राम पंचायतों में एक ही तस्वीर को कई बार अपलोड कर अलग-अलग कार्यों का प्रमाण दिखाया गया और उसके आधार पर भुगतान प्राप्त किया गया। इस तरह की गड़बड़ियों को लेकर मनरेगा लोकपाल की ओर से पहले भी कुछ मामलों का खुलासा किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, मौजूदा मामले में संबंधित जिम्मेदारों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
CDO ने गठित की तीन सदस्यीय जांच टीम
शासन स्तर से मामला संज्ञान में आने के बाद मुख्य विकास अधिकारी सतीश प्रसाद मिश्र ने इसे गंभीरता से लेते हुए तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की है। टीम को संबंधित ग्राम पंचायतों में योजना के तहत हुए कार्यों, श्रमिकों की उपस्थिति, अपलोड की गई तस्वीरों और निकाली गई धनराशि की जांच करनी होगी।
सीडीओ सतीश प्रसाद मिश्र के अनुसार, शासन स्तर पर हुई जांच में मामला सामने आने के बाद विस्तृत पड़ताल के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, जांच टीम की रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि किन ग्राम पंचायतों में कितनी धनराशि की अनियमित निकासी हुई और इसके लिए कौन-कौन जिम्मेदार हैं।
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