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बिगड़ती हवा के बीच पटाखों की बिक्री जारी! पुरानी दिल्ली की सड़कों पर खुलेआम कारोबार, नियमों के पालन पर उठे सवाल

दिल्ली में दिवाली से पहले ही वायु प्रदूषण बढ़ने लगा है। इसके बावजूद पुरानी दिल्ली के कई प्रमुख बाजारों में पटाखों की खुलेआम बिक्री होने का मामला सामने आया है। चांदनी चौक, जामा मस्जिद, लाल किला और सदर बाजार के आसपास दुकानों और रेहड़ियों पर पटाखे बिकते मिले। कई पैकेटों पर ग्रीन पटाखे और प्रदूषण कम करने के दावे किए गए, लेकिन उनकी प्रामाणिकता की जांच की व्यवस्था नजर नहीं आई।

AQI 245 पहुंचने के बाद लागू हुआ ग्रेप-1

रिपोर्ट के मुताबिक, 21 अक्टूबर को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 245 तक पहुंच गया था, जिसके बाद ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रेप)-1 लागू किया गया। इसके बावजूद बाजारों में पटाखों की बिक्री जारी रहने से प्रदूषण नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

जामा मस्जिद और चांदनी चौक में खुलेआम बिक्री

जामा मस्जिद के गेट नंबर तीन के बाहर करीब 15 ठेलों पर पटाखे बिकते मिले। इनमें से ज्यादातर पैकेटों पर क्यूआर कोड नहीं था। एक पैकेट पर कोड मौजूद था, लेकिन उसे स्कैन करने में भी परेशानी हुई। ऐसे में ग्राहकों के लिए यह पता लगाना मुश्किल है कि पैकेट पर ग्रीन पटाखे होने का दावा सही है या नहीं।

वहीं, चांदनी चौक के भागीरथ पैलेस में बीड़ी बम, मिसाइल बम, रॉकेट, लड़ियां, स्पिनर और फाउंटेन बम सहित कई तरह के पटाखे बिकते मिले। खरीदारी करने आए एक ग्राहक ने बताया कि उन्हें पटाखों पर प्रतिबंध की जानकारी नहीं थी। बाजार में बिक्री होते देखकर उन्होंने पटाखे खरीद लिए।

सड़क और फुटपाथ तक रखा मिला पटाखों का स्टॉक

बाजारों में दुकानों के बाहर सड़क और फुटपाथ तक पटाखे रखे मिले। भीड़भाड़ वाले इलाकों में इस तरह की बिक्री के बीच अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम भी नजर नहीं आए। ऐसे में आग लगने की स्थिति में बड़ा हादसा होने का खतरा बना रहता है। दुकानों के लाइसेंस, पटाखों के स्टॉक, भंडारण और अग्नि सुरक्षा मानकों की जांच को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

अवैध पटाखों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई

रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने 15 अक्टूबर को अवैध पटाखों की एक बड़ी खेप पकड़ी थी। वहीं, 19 अक्टूबर को नंद नगरी थाना पुलिस ने तीन कथित अवैध आपूर्तिकर्ताओं को पकड़कर करीब 98 किलोग्राम पटाखे बरामद किए थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अवैध पटाखे बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के पटाखे जब्त किए जाएंगे।

स्थायी लाइसेंसधारियों ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई याचिका

दिल्ली फायरवर्क्स शॉपकीपर्स एसोसिएशन ने 22 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर स्थायी लाइसेंसधारी कारोबारियों को अधिकृत ग्रीन पटाखे बेचने की अनुमति देने की मांग की है। एसोसिएशन ने इस संबंध में केंद्र और दिल्ली सरकार को भी पत्र भेजा है। मामले में अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को होनी है।

एसोसिएशन का कहना है कि यदि स्थायी लाइसेंसधारी दुकानदारों को अधिकृत ग्रीन पटाखे बेचने की अनुमति मिलती है, तो ग्राहकों को वैध दुकानों से पटाखे मिल सकेंगे और दूसरे राज्यों से गैर-अधिकृत पटाखों की आपूर्ति पर भी अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है।

ग्रीन पटाखों की पहचान और निगरानी पर सवाल

दिल्ली के बाजारों में पटाखों की बिक्री के बीच सबसे बड़ा सवाल उनकी प्रामाणिकता और नियमों के पालन को लेकर है। पैकेट पर ग्रीन पटाखा लिखा होना अपने आप में उसके प्रमाणित होने का सबूत नहीं है। ऐसे में बिक्री स्थलों की जांच, क्यूआर कोड की पुष्टि और अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई के बाद अधिकृत बिक्री को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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