टेस्ट क्रिकेट में तिहरा शतक लगाना किसी भी बल्लेबाज के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाता है। इस मुकाम तक पहुंचने के लिए धैर्य, तकनीक और लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहने की क्षमता जरूरी होती है। हालांकि, कुछ बल्लेबाजों ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से बेहद कम गेंदों में 300 रन पूरे कर इतिहास रचा है। भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग इस सूची में दो बार शामिल हैं। वहीं, दक्षिण अफ्रीका के वियान मुल्डर और इंग्लैंड के हैरी ब्रूक ने भी तेजी से तिहरा शतक जड़कर खास पहचान बनाई है।
वीरेंद्र सहवाग ने 278 गेंदों में जड़ा तिहरा शतक
भारतीय क्रिकेट के सबसे आक्रामक बल्लेबाजों में शुमार वीरेंद्र सहवाग ने 2008 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ चेन्नई टेस्ट में 278 गेंदों में तिहरा शतक पूरा किया था। उनकी इस पारी ने टेस्ट क्रिकेट में तेज बल्लेबाजी की नई मिसाल पेश की।
सहवाग ने अपनी बेखौफ शैली से गेंदबाजों पर दबाव बनाया और तेजी से रन बटोरते हुए यह उपलब्धि हासिल की। उनकी इस पारी को भारतीय टेस्ट क्रिकेट की यादगार पारियों में गिना जाता है।
वियान मुल्डर ने 297 गेंदों में पूरे किए 300 रन
दक्षिण अफ्रीका के ऑलराउंडर वियान मुल्डर ने 2025 में जिम्बाब्वे के खिलाफ बुलावायो टेस्ट में 297 गेंदों में तिहरा शतक लगाया। इस पारी के साथ उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में तेजी से 300 रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में अपना नाम दर्ज कराया।
मुल्डर की इस पारी ने उनकी बल्लेबाजी क्षमता को सामने रखा और टेस्ट क्रिकेट में आक्रामक खेल की अहमियत को भी दिखाया।
हैरी ब्रूक ने भी तेजी से बनाया तिहरा शतक
इंग्लैंड के बल्लेबाज हैरी ब्रूक ने 2024-25 सत्र में पाकिस्तान के खिलाफ मुल्तान टेस्ट में 310 गेंदों में तिहरा शतक पूरा किया था। उन्होंने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से पाकिस्तानी गेंदबाजों को लगातार दबाव में रखा।
ब्रूक की इस पारी ने टेस्ट क्रिकेट में इंग्लैंड की आक्रामक बल्लेबाजी शैली को भी दर्शाया। वह कम गेंदों में तिहरा शतक लगाने वाले प्रमुख बल्लेबाजों में शामिल हो गए।
वैली हैमंड ने 1933 में रचा था इतिहास
इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज वैली हैमंड ने 1932-33 के दौरान न्यूजीलैंड के खिलाफ ऑकलैंड में तिहरा शतक लगाया था। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, उन्होंने 355 गेंदों में यह उपलब्धि हासिल की थी। हैमंड का नाम टेस्ट क्रिकेट के ऐतिहासिक बल्लेबाजों में शामिल है।
मैथ्यू हेडन ने 362 गेंदों में बनाए 300 रन
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज मैथ्यू हेडन ने 2003-04 सत्र में जिम्बाब्वे के खिलाफ पर्थ टेस्ट में 362 गेंदों में तिहरा शतक लगाया था। हेडन अपनी मजबूत बल्लेबाजी और बड़े स्कोर बनाने की क्षमता के लिए जाने जाते थे। उनकी यह पारी भी टेस्ट क्रिकेट की यादगार उपलब्धियों में गिनी जाती है।
पाकिस्तान के खिलाफ भी सहवाग ने किया था कमाल
वीरेंद्र सहवाग ने 2004 में पाकिस्तान के खिलाफ मुल्तान टेस्ट में 364 गेंदों में तिहरा शतक पूरा किया था। इस पारी के दौरान उन्होंने पाकिस्तानी गेंदबाजों के खिलाफ शानदार आक्रामक बल्लेबाजी की।
सहवाग टेस्ट क्रिकेट में दो बार तिहरा शतक लगाने वाले चुनिंदा बल्लेबाजों में शामिल हैं। उनकी दोनों पारियां भारतीय क्रिकेट इतिहास में खास स्थान रखती हैं और टेस्ट क्रिकेट में उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी की पहचान हैं।
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