Tuesday , November 3 2026
Breaking News

AI पोस्ट विवाद पर दिल्ली HC सख्त, गौरव भाटिया केस में CJP नेताओं को पोस्ट हटाने का सुझाव

दिल्ली हाईकोर्ट ने भाजपा नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया के खिलाफ सोशल मीडिया पर बिना सत्यापन पोस्ट करने को लेकर सीजेपी नेताओं को पोस्ट हटाने का सुझाव दिया है। मामला कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की ओर से की गई पोस्ट से जुड़ा है।

गौरव भाटिया ने अदालत में दायर मानहानि याचिका में आरोप लगाया है कि उनके नाम से एआई की मदद से तैयार एक झूठा पोस्ट सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया। उनके मुताबिक, पोस्ट में उनके नाम से यह दावा किया गया कि उन्होंने स्वतंत्र भारद्वाज को ‘दिमागी नक्सली’ और ‘जातिवादी’ कहा था, जबकि उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया था।

यह पोस्ट पांच सितंबर को स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद सौरव दास और आशुतोष रांका की ओर से एक्स पर साझा किया गया था। भारद्वाज पर सीजेपी के एक किशोर प्रदर्शनकारी के साथ मारपीट करने का आरोप है।

कोर्ट ने क्या कहा?

सुनवाई के दौरान सौरव दास की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि संबंधित ट्वीट पहले ही हटा दिया गया है। इस पर अदालत ने कहा कि दोनों को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन सोशल मीडिया पोस्ट को अधिक स्पष्ट और बेहतर तरीके से रखना चाहिए, ताकि उसका उद्देश्य सही तरीके से सामने आए।

अदालत ने गौरव भाटिया से भी कहा कि इस मामले को अदालत में लाने के बजाय वह प्रतिवादियों से सीधे बात कर सकते थे।

सुनवाई की शुरुआत में न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला ने कहा कि सीजेपी नेता अभिजीत दिपके के खिलाफ याचिका में कुछ आरोपित नहीं किया गया है। इसके बाद दिपके के वकील ने उनका नाम मामले में पक्षकारों की सूची से हटाने का अनुरोध किया।

मामले में गौरव भाटिया ने आरोप लगाया है कि सीजेपी नेताओं ने उनके किसी वास्तविक बयान की आलोचना करने के बजाय ऐसा प्रस्तुत किया कि उन्होंने ऐसे बयान दिए थे, जो वास्तव में उन्होंने कभी दिए ही नहीं थे।

Check Also

दिवाली पर अयोध्या जाने से पहले जान लें ये जरूरी बातें: होटल का किराया, यात्रा का खर्च और रामलला के दर्शन की पूरी तैयारी

दिवाली के मौके पर भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में रामलला के दर्शन करने की ...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *