Sunday , September 6 2026
Breaking News

सहारनपुर में मस्जिद के मलबे से निकला 20 फीट गहरा कुआं, जांच में सामने आई चौंकाने वाली बात

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित दो मंजिला मस्जिद को ध्वस्त किए जाने के बाद मलबा हटाने के दौरान जमीन के नीचे करीब 20 फीट गहरा कुआं मिला है। प्रशासनिक टीम के अनुसार, कुएं के ऊपर लिंटर डाला गया था। कुएं की चौड़ाई करीब एक से सवा मीटर बताई गई है।

मस्जिद को शनिवार सुबह नगर मजिस्ट्रेट की अदालत के आदेश के बाद ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू हुई थी। करीब 315 वर्ग मीटर सरकारी भूमि पर बनी मस्जिद को हटाने के बाद मलबा साफ किया जा रहा था। इसी दौरान टीम को जमीन के नीचे कुआं दिखाई दिया।

20 फीट गहरा है कुआं

मलबा हटाने के दौरान सामने आए कुएं की गहराई करीब 20 फीट मापी गई है। प्रशासनिक टीम के मुताबिक, कुएं के निचले हिस्से में करीब 20 फीट तक मिट्टी भरी हुई है। अधिकारियों ने कुएं को पुराना माना है।

कुआं मिलने के बाद प्रशासन ने आसपास सुरक्षा बढ़ा दी। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। एसडीएम सदर सुबोध कुमार ने कुआं मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि इसे एहतियातन ढकवा दिया गया है।

सुबह शुरू हुई थी मस्जिद हटाने की कार्रवाई

सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित दो मंजिला मस्जिद को हटाने की कार्रवाई शनिवार सुबह शुरू की गई। प्रशासन ने पहले से ही परिसर की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। करीब पांच घंटे चली कार्रवाई में सात बुलडोजर और 12 डंपर लगाए गए।

सुबह करीब पांच बजे डंपर और जेसीबी कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचने लगे। इसके करीब ढाई घंटे बाद साढ़े सात बजे बुलडोजर से ध्वस्तीकरण शुरू किया गया। दोपहर करीब 12 बजे तक मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया और मलबा बाहर हटाने का काम शुरू कर दिया गया।

पांचों गेट पर बढ़ाई गई सुरक्षा

मस्जिद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर के पांचों द्वारों पर सुरक्षा कड़ी की गई थी। तनाव की आशंका को देखते हुए आसपास के जिलों से भी पुलिस बल बुलाया गया था।

डीआईजी अभिषेक सिंह ने बताया कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। साथ ही अफवाह फैलाने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।

विपक्षी नेताओं पर भी कार्रवाई

मस्जिद प्रकरण को लेकर कैराना से सपा सांसद इकरा हसन को शुक्रवार रात उनके आवास पर हाउस अरेस्ट किया गया था। सहारनपुर में पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान समेत आधा दर्जन से अधिक विपक्षी नेताओं को भी नजरबंद किए जाने की बात सामने आई है।

सपा का एक प्रतिनिधिमंडल रविवार को सहारनपुर पहुंचने की तैयारी में है।

मुख्यमंत्री से की गई थी सरकारी जमीन पर कब्जे की शिकायत

मस्जिद को लेकर विवाद की शुरुआत सरकारी जमीन पर कब्जे की शिकायत से हुई थी। बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने जनवरी 2025 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि मस्जिद सरकारी भूमि पर कब्जा कर बनाई गई है।

शिकायत के बाद मामला सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत पहुंचा। 16 जुलाई को अदालत ने मस्जिद को अवैध करार दिया था।

जिला जज की अदालत में भी दाखिल हुई थी याचिका

मस्जिद प्रबंधन पक्ष ने सिटी मजिस्ट्रेट के फैसले को जिला जज की अदालत में चुनौती दी थी। प्रबंधन पक्ष ने मस्जिद को करीब 150 वर्ष पुराना बताते हुए जनवरी 1911 का बिजली बिल भी साक्ष्य के तौर पर पेश किया था।

हालांकि, जिला जज की अदालत ने दो सितंबर को याचिका खारिज कर दी। इसके बाद शनिवार को प्रशासन ने मस्जिद को ध्वस्त कर दिया।

अखिलेश और मायावती ने जताई आपत्ति

मस्जिद ध्वस्तीकरण को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि समाज में सौहार्द बनाए रखना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने सहारनपुर की घटना को लेकर भाजपा सरकार पर सौहार्द विरोधी होने का आरोप लगाया।

बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी मस्जिदों को जल्दबाजी में अवैध बताकर ध्वस्त किए जाने को अनुचित बताया। उन्होंने सरकार से धार्मिक स्थलों की समान सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की और कहा कि धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में परंपरा के अनुरूप सम्मान बनाए रखा जाना चाहिए।

Check Also

सहारनपुर मस्जिद विवाद: अखिलेश बोले- जो दूसरे धर्मों का सम्मान नहीं करते, वे सच्चे सनातनी कैसे हो सकते हैं?

सहारनपुर में मस्जिद के ध्वस्तीकरण को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना ...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *