बसपा सुप्रीमो मायावती ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर सोमवार को लखनऊ में पार्टी की अहम बैठक की। इसमें प्रदेश के सभी राज्य स्तरीय पदाधिकारियों और 75 जिलों के जिलाध्यक्षों ने हिस्सा लिया। बैठक में संगठन की स्थिति और चुनावी तैयारियों की समीक्षा की गई।
मायावती ने पार्टी नेताओं को चुनाव की तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बदलते राजनीतिक माहौल को देखते हुए संगठन को और मजबूत और प्रभावी बनाया जाए, ताकि विरोधी दलों के राजनीतिक हथकंडों का मजबूती से सामना किया जा सके।
‘चुनावी रेवड़ियों’ को लेकर मायावती ने किया आगाह
मायावती ने चुनाव से पहले किए जाने वाले वादों और घोषणाओं को लेकर कार्यकर्ताओं और जनता को सावधान रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि महिलाओं समेत अलग-अलग वर्गों को निजी लाभ पहुंचाने वाली योजनाओं और लुभावने वादों के जरिए चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की जाती है।
उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद अक्सर वादाखिलाफी की शिकायतें सामने आती हैं। ऐसे में मतदाताओं को किसी भी तरह के छलावे में आने के बजाय अपने विवेक से स्वतंत्र और निष्पक्ष होकर मतदान करना चाहिए।
पांचवीं बार सरकार बनाने का दावा
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में पांचवीं बार ऐसी सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ काम कर रही है, जो कानून के जरिए बेहतर शासन और ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के उद्देश्य को पूरा करे।
कांशीराम की पुण्यतिथि पर बड़ा कार्यक्रम
बैठक में बसपा संस्थापक कांशीराम की 9 अक्तूबर को होने वाली पुण्यतिथि के कार्यक्रम की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। इस बार कार्यक्रम लखनऊ के वीआईपी रोड स्थित ‘बौद्ध स्मृति उपवन’ के सामने विकसित किए गए कांशीराम स्मारक स्थल पर आयोजित किया जाएगा।
नेपाल की बाढ़ पर जताई चिंता
मायावती ने नेपाल में बाढ़ से हुए जान-माल के नुकसान पर भी चिंता जताई। उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और केंद्र व राज्य सरकारों से प्रभावित लोगों को तत्काल हरसंभव मदद पहुंचाने की अपील की। उन्होंने बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी गंभीरता से काम करने की जरूरत बताई।
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