एम्सटलवीन में खेले गए अहम मुकाबले में भारतीय पुरुष हॉकी टीम को मेजबान नीदरलैंड के खिलाफ 1-3 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही भारत की सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। हालांकि भारतीय टीम ने पूरे मुकाबले में संघर्ष किया, लेकिन डच टीम ने निर्णायक मौकों का फायदा उठाते हुए जीत दर्ज कर ली।
मैच के पहले दो क्वार्टर में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। नीदरलैंड ने आक्रामक शुरुआत की और उसे कई पेनल्टी कॉर्नर भी मिले, लेकिन भारतीय डिफेंस और गोलकीपर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान टीम को गोल करने से रोक दिया। हाफ टाइम तक दोनों टीमें 0-0 की बराबरी पर थीं।
तीसरे क्वार्टर में नीदरलैंड ने अपना दबाव बढ़ाया और 40वें मिनट में ड्यूको ने फील्ड गोल कर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। इसके बाद चौथे क्वार्टर में मेजबान टीम ने भारत पर लगातार दबाव बनाए रखा और 50वें मिनट में जेप ने गोल कर स्कोर 2-0 कर दिया।
दो गोल से पिछड़ने के बाद भारतीय टीम ने शानदार वापसी की कोशिश की। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 51वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत को मुकाबले में वापस ला दिया। इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने बराबरी के लिए लगातार हमले किए, लेकिन डच डिफेंस को भेदने में सफलता नहीं मिली।
नीदरलैंड ने भारत की वापसी की कोशिशों को ज्यादा देर तक चलने नहीं दिया। 54वें मिनट में थाइस वान डैम ने फील्ड गोल कर स्कोर 3-1 कर दिया। इसके बाद भारत ने कई मौके बनाने की कोशिश की, लेकिन मुकाबले का स्कोर नहीं बदल सका और मेजबान टीम ने जीत अपने नाम कर ली।
इस हार के बाद भारतीय टीम की सेमीफाइनल की राह मुश्किल हो गई है। अब भारत की उम्मीदें इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच होने वाले मुकाबले के नतीजे पर टिकी हैं। अगर इंग्लैंड जीत दर्ज करता है तो भारत की सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें समाप्त हो जाएंगी, जबकि नीदरलैंड ने अंतिम चार में अपनी जगह पक्की कर ली है।
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