12वीं के बाद अगर आप पारंपरिक करियर विकल्पों से अलग कुछ करना चाहते हैं तो मर्चेंट नेवी एक आकर्षक विकल्प हो सकता है। इस क्षेत्र में जहाजों के संचालन, नेविगेशन, इंजीनियरिंग और तकनीकी सेवाओं से जुड़े कई पद होते हैं। अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों में काम करने का अवसर मिलने के साथ अनुभव बढ़ने पर अच्छी कमाई की संभावना भी रहती है।
मर्चेंट नेवी में कौन-कौन से करियर विकल्प?
मर्चेंट नेवी में मुख्य रूप से डेक ऑफिसर, मरीन इंजीनियर, इलेक्ट्रो-टेक्निकल ऑफिसर (ETO), रेटिंग/क्रू और कैटरिंग-हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों में करियर बनाया जा सकता है। डेक ऑफिसर जहाज की नेविगेशन और संचालन व्यवस्था संभालते हैं, जबकि मरीन इंजीनियर इंजन और मशीनरी की देखरेख करते हैं।
12वीं के बाद कौन से कोर्स कर सकते हैं?
12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स (PCM) वाले विद्यार्थी डिप्लोमा इन नॉटिकल साइंस (DNS), बीएससी नॉटिकल साइंस और मरीन इंजीनियरिंग जैसे पाठ्यक्रमों का विकल्प चुन सकते हैं। डीजी शिपिंग के मानदंडों के अनुसार DNS और बीएससी नॉटिकल साइंस जैसे प्रमुख डेक-ऑफिसर मार्गों के लिए सामान्यतः 12वीं में PCM में कम से कम 60 प्रतिशत और अंग्रेजी में 50 प्रतिशत अंक जरूरी होते हैं।
वहीं, GP Rating एक अन्य प्रवेश मार्ग है, जिसके लिए 10वीं या 12वीं पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए भी निर्धारित अंक, आयु, मेडिकल और दृष्टि संबंधी मानदंड पूरे करने होते हैं।
IMU-CET और स्पॉन्सरशिप जरूरी
डेक ऑफिसर बनने के प्रमुख रास्तों में IMU-CET महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षा है। DNS जैसे मार्ग में कंपनी की स्पॉन्सरशिप भी जरूरी होती है। इसके अलावा उम्मीदवार को डीजी शिपिंग से मान्यता प्राप्त मेडिकल डॉक्टर से मेडिकल फिटनेस प्रमाणित करानी होती है।
मेडिकल फिटनेस भी है जरूरी
मर्चेंट नेवी में प्रवेश के लिए केवल शैक्षणिक योग्यता पर्याप्त नहीं है। उम्मीदवार की मेडिकल फिटनेस, दृष्टि और रंग पहचान जैसे मानदंड भी महत्वपूर्ण हैं। इसलिए किसी कोर्स में प्रवेश लेने से पहले निर्धारित मेडिकल मानकों की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।
मान्यता प्राप्त संस्थान से ही करें कोर्स
मर्चेंट नेवी में करियर बनाने की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को संस्थान और कोर्स चुनते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। Directorate General of Shipping (DGS) की ओर से अनुमोदित संस्थानों और पाठ्यक्रमों की सूची उपलब्ध कराई जाती है। दाखिला लेने से पहले संस्थान की मान्यता जरूर जांचें।
कमाई कितनी हो सकती है?
मर्चेंट नेवी में वेतन पद, शिपिंग कंपनी, जहाज के प्रकार, अनुभव और अनुबंध के आधार पर अलग-अलग होता है। आधिकारिक DGMA करियर गाइड के अनुसार, डेक कैडेट के स्तर पर करीब 25 हजार से 50 हजार रुपये प्रतिमाह का स्टाइपेंड हो सकता है, जबकि अनुभव और पद बढ़ने के साथ कमाई कई लाख रुपये प्रतिमाह तक पहुंच सकती है।
मर्चेंट नेवी में करियर रोमांचक जरूर है, लेकिन इसमें लंबे समय तक समुद्र में रहना और परिवार से दूर रहना भी शामिल हो सकता है। इसलिए केवल सैलरी या विदेश घूमने के अवसर देखकर नहीं, बल्कि अपनी रुचि, मेडिकल फिटनेस और समुद्री जीवन की चुनौतियों को समझकर ही यह करियर चुनना बेहतर है।
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