Ajinkya Rahane Retirement: संन्यास के बाद दिग्गजों ने किया संपर्क
भारतीय क्रिकेट के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेकर अपने लंबे करियर को विराम दे दिया है। संन्यास के बाद रहाणे ने बताया कि उनके फैसले पर क्रिकेट जगत के कई दिग्गजों ने उनसे संपर्क किया। इनमें सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, रोहित शर्मा, जसप्रीत बुमराह और चेतेश्वर पुजारा जैसे नाम शामिल हैं।
रहाणे ने बताया कि सचिन तेंदुलकर ने उन्हें फोन किया, जबकि विराट कोहली, रोहित शर्मा और जसप्रीत बुमराह ने संदेश भेजकर उनके संन्यास पर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। सभी से बातचीत के दौरान रहाणे ने एक ही बात कही कि वह अपने फैसले से पूरी तरह संतुष्ट हैं।
सचिन ने किया था सबसे पहले फोन
रहाणे ने द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में बताया कि संन्यास की घोषणा के बाद उन्हें सबसे पहले सचिन तेंदुलकर का फोन आया था। सचिन ने उनसे कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि रहाणे भारत के लिए अभी और क्रिकेट खेलेंगे।
इस पर रहाणे ने कहा कि वह अपने करियर को बिना किसी पछतावे के खत्म करना चाहते थे और संन्यास के फैसले को अनावश्यक रूप से आगे नहीं खींचना चाहते थे।
इसके बाद पूर्व भारतीय क्रिकेटर इरफान पठान ने भी उन्हें फोन किया। वहीं चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली, रोहित शर्मा और जसप्रीत बुमराह ने उन्हें संदेश भेजे।
रहाणे ने सभी से यही कहा कि वह अपने फैसले से संतुष्ट हैं, क्योंकि उन्होंने क्रिकेट को अपना सब कुछ दिया और अब उन्हें किसी तरह का पछतावा नहीं है।
संन्यास का वीडियो रिकॉर्ड करते समय भावुक हुए रहाणे
रहाणे ने बताया कि संन्यास की घोषणा वाला वीडियो रिकॉर्ड करते समय वह काफी भावुक हो गए थे। परिवार के साथ संन्यास को लेकर बातचीत के दौरान भी उनकी भावनाएं सामने आई थीं, लेकिन वीडियो रिकॉर्ड करते वक्त वह इतने भावुक हो जाएंगे, इसकी उन्हें उम्मीद नहीं थी।
उन्होंने बताया कि वीडियो रिकॉर्ड करने के बाद वह काफी रोए। रहाणे को इस बात का एहसास था कि जिस खेल से उन्होंने वर्षों तक प्यार किया, अब वह उसे पहले की तरह नहीं कर पाएंगे।
पुजारा और कोहली के साथ साझा किया खास दौर
रहाणे ने चेतेश्वर पुजारा और विराट कोहली के साथ बिताए अपने क्रिकेट करियर के दौर को भी याद किया। उन्होंने बताया कि पुजारा के साथ उन्होंने घरेलू क्रिकेट में काफी समय बिताया, जबकि विराट के साथ भारतीय टीम के लिए लंबे समय तक क्रिकेट खेला।
रहाणे के मुताबिक, तीनों का लक्ष्य भारतीय टेस्ट टीम को शीर्ष पर पहुंचाना था। उन्होंने 2015 में टीम के छठे या सातवें स्थान पर रहने से लेकर दुनिया की नंबर-1 टेस्ट टीम बनने तक का सफर याद किया।
उन्होंने कहा कि इस दौरान तीनों क्रिकेट को लेकर लगातार चर्चा और विश्लेषण करते थे और एक-दूसरे से सीखते थे। इसी प्रक्रिया में उनके बीच मजबूत रिश्ता बना। रहाणे ने माना कि नंबर-1 बनने से पहले टीम ने टेस्ट क्रिकेट में कई मुश्किल दौर देखे, लेकिन उस सफर का हिस्सा बनना उनके लिए बेहद खास रहा।
विदेशी पिचों पर भरोसेमंद बल्लेबाज रहे रहाणे
अजिंक्य रहाणे ने भारतीय टीम के लिए 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। टेस्ट क्रिकेट में उनकी पहचान खास तौर पर विदेशी परिस्थितियों में एक भरोसेमंद बल्लेबाज के रूप में बनी।
स्विंग और सीम वाली पिचों पर उनकी तकनीक और धैर्य ने उन्हें भारतीय टेस्ट टीम का अहम हिस्सा बनाया। उनके नेतृत्व में भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया में 2020-21 की ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज भी जीती थी।
रहाणे ने अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अपने करियर का नया अध्याय शुरू किया है।
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