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Urban Cooperative Banks: सहकारी बैंकों को मजबूत करने की कवायद, अमित शाह के मंत्र के साथ RBI भी सक्रिय

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शहरी सहकारी बैंकों को बदलते बैंकिंग दौर के साथ कदम मिलाने के लिए तकनीक, पारदर्शिता और आधुनिक ग्राहक सेवाओं को अपनाने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा के दौर में वही संस्थाएं आगे बढ़ पाएंगी, जो समय के साथ खुद को बदलेंगी।

मुंबई में नेशनल अर्बन को-ऑपरेटिव फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (NUCFDC) के नए कार्यालय के उद्घाटन के दौरान अमित शाह ने शहरी सहकारी बैंकिंग क्षेत्र में सुधारों को लेकर कई अहम बातें कहीं।

RBI और शहरी सहकारी बैंकों के बीच बढ़ेगा सहयोग

अमित शाह ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और शहरी सहकारी बैंकों के बीच आपसी समन्वय बढ़ाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि सहकारिता क्षेत्र ने जब भी आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की कोशिश की, RBI की ओर से सहयोग मिला है।

उन्होंने बताया कि RBI ने शहरी सहकारी बैंकों के लिए शाखाएं खोलने से जुड़े नियमों को आसान किया है। इसके बाद बैंक डोरस्टेप बैंकिंग, डिमांड ड्राफ्ट और लाइफ सर्टिफिकेट जैसी सेवाएं भी उपलब्ध करा रहे हैं।

अमित शाह के मुताबिक, छह लाख करोड़ रुपये से अधिक की जमा राशि वाले इस क्षेत्र के लिए RBI ने एक विशेष नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। वहीं, RBI की ‘ऑन-टैप’ लाइसेंसिंग व्यवस्था से शहरी सहकारी बैंकों के विस्तार को गति मिलने की उम्मीद है।

1,400 में से 690 बैंक NUCFDC से जुड़े

अमित शाह ने बताया कि देश में करीब 1,400 शहरी सहकारी बैंक हैं। इनमें से 690 बैंक अब तक NUCFDC के सदस्य बन चुके हैं। उन्होंने बाकी बैंकों से भी अगले एक साल के भीतर संस्था से जुड़ने की अपील की।

उन्होंने NUCFDC से सदस्यता शुल्क कम करने पर भी विचार करने को कहा, ताकि अधिक से अधिक शहरी सहकारी बैंक इस व्यवस्था का हिस्सा बन सकें।

महाराष्ट्र में होगा NUCFDC का मुख्यालय

NUCFDC अपना मुख्य कार्यालय नई दिल्ली से महाराष्ट्र स्थानांतरित कर रहा है। अमित शाह ने इसे सहकारी बैंकिंग क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।

देश में शहरी सहकारी बैंकों की संख्या के मामले में महाराष्ट्र सबसे आगे है। राज्य में 449 शहरी सहकारी बैंक हैं। वहीं, देश के करीब 70 फीसदी शहरी सहकारी बैंक महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा और कर्नाटक में स्थित हैं।

साइबर सुरक्षा पर भी जोर

बैंकिंग सेवाओं के तेजी से डिजिटल होने के साथ साइबर सुरक्षा भी बड़ी चुनौती बन गई है। इसे देखते हुए शहरी सहकारी बैंकों को तकनीकी सहायता और साइबर सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर शुरू किया गया है।

इसका उद्देश्य बैंकों को तकनीकी रूप से मजबूत करना और साइबर खतरों से निपटने में उनकी मदद करना है।

छोटे कारोबारियों को मिलेगा फायदा

अमित शाह ने कहा कि शहरी सहकारी बैंक छोटे उद्यमियों और कारोबारियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने अमूल का उदाहरण देते हुए कहा कि सहकारिता के माध्यम से बड़े आर्थिक मॉडल तैयार किए जा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि देश को समृद्ध बनाने के लिए केवल पूंजी बाजार पर्याप्त नहीं है, बल्कि स्व-रोजगार और छोटे कारोबार को मजबूत करने के लिए वित्तीय व्यवस्था को भी सशक्त बनाना जरूरी है।

NUCFDC से UCBs को क्या फायदा होगा?

NUCFDC शहरी सहकारी बैंकों के लिए तकनीकी और वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराने वाली शीर्ष संस्था है। इसका उद्देश्य बैंकों को साझा मंच के साथ-साथ पूंजी, आईटी ढांचे, साइबर सुरक्षा और लिक्विडिटी से जुड़ी सुविधाओं में सहयोग देना है।

मुंबई स्थित मुख्यालय के जरिए संस्था शहरी सहकारी बैंकों को आधुनिक बैंकिंग व्यवस्था के अनुरूप ढालने में मदद करेगी।

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