प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मैसूर दौरे के दौरान कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने राज्य के विकास के लिए केंद्र से अधिक सहयोग की अपील की। रामकृष्ण आश्रम में आयोजित विवेक स्मारक के उद्घाटन समारोह में उन्होंने कहा कि कर्नाटक की प्रगति के लिए केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर काम करना होगा।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी से कहा, “बड़े दिल से हमारी मदद कीजिए, कर्नाटक की मदद कीजिए, कर्नाटक को बचाइए। पूरी दुनिया भारत और कर्नाटक को बेंगलुरु के माध्यम से देख रही है।” उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार संघीय ढांचे को मजबूत रखते हुए केंद्र के साथ समन्वय में काम करना चाहती है।
शिवकुमार ने कहा कि “प्रधानमंत्री जी, पूरा कर्नाटक आपके साथ खड़ा है। हम मिलकर राज्य और देश को आगे ले जाना चाहते हैं।” उनके अनुसार, बेंगलुरु आज वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान बन चुका है और इसके विकास के लिए केंद्र का सहयोग बेहद जरूरी है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी याद किया। उन्होंने कहा कि वाजपेयी ने वर्षों पहले कहा था कि दुनिया के नेता अब सबसे पहले बेंगलुरु आते हैं, जो इस शहर की वैश्विक पहचान को दर्शाता है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री एस.एम. कृष्णा को कर्नाटक में आईटी क्रांति की नींव रखने का श्रेय भी दिया।
स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए शिवकुमार ने कहा कि युवाओं की शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार भी युवाओं को सशक्त बनाने और उनकी ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण में लगाने के उद्देश्य से काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) के लिए मैसूर के महाराजाओं द्वारा भूमि दान का भी जिक्र किया और कहा कि कर्नाटक का देश के वैज्ञानिक और तकनीकी विकास में ऐतिहासिक योगदान रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार के साझा प्रयासों से कर्नाटक विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।
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