पश्चिम बंगाल के दक्षिणेश्वर रेलवे स्टेशन पर एक बड़ा रेल हादसा उस समय टल गया, जब सियालदह-दानकुनी रूट पर चल रही एक लोकल ट्रेन के ऊपर 11 हजार वोल्ट का ओवरहेड इलेक्ट्रिक (OHE) तार टूटकर गिर गया। तार गिरते ही तेज धमाका हुआ, चिंगारियां निकलने लगीं और कुछ ही पलों में ट्रेन धुएं से भर गई। हालांकि, समय रहते बिजली आपूर्ति बंद कर दिए जाने और यात्रियों की सूझबूझ के चलते कोई जनहानि नहीं हुई।
तार गिरते ही मची अफरा-तफरी
घटना के समय ट्रेन में बड़ी संख्या में यात्री सवार थे। ओवरहेड तार के ट्रेन से टकराते ही धमाके की आवाज सुनाई दी और धुआं फैलने लगा। हालात बिगड़ते देख यात्री सुरक्षित स्थान की ओर निकलने लगे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें ट्रेन के आसपास धुआं और यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल देखा जा सकता है।
रेलवे ने तुरंत बंद की बिजली, शुरू कराया मरम्मत कार्य
घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे प्रशासन ने प्रभावित ट्रैक की बिजली आपूर्ति तत्काल बंद कर दी। इसके बाद इंजीनियरिंग और तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त ओएचई लाइन की मरम्मत शुरू की। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद सियालदह-दानकुनी सेक्शन पर ट्रेन सेवाएं धीरे-धीरे सामान्य कर दी गईं।
लोहे के कोच ने निभाई सुरक्षा कवच की भूमिका
विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रेन के धातु से बने डिब्बे ने ‘फैराडे केज’ की तरह काम किया। हाई-वोल्टेज तार के संपर्क में आने पर विद्युत धारा ट्रेन की बाहरी धातु से होकर पहियों और पटरियों के जरिए जमीन तक चली गई। इस कारण करंट कोच के अंदर नहीं पहुंचा और यात्री बिजली के झटके से सुरक्षित रहे।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हालांकि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन व्यस्त रेल मार्ग पर ओवरहेड तार टूटने की घटना ने रेलवे की मेंटेनेंस व्यवस्था और यात्री सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। रेलवे की ओर से घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
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