भारतीय क्रिकेट के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) समेत क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी। 2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत दिलाने वाले रहाणे ने सोशल मीडिया पर भावुक वीडियो साझा करते हुए अपने क्रिकेट करियर को विराम देने का एलान किया।
रहाणे ने अपने विदाई संदेश में लिखा, “कैप नंबर 278… अब यहीं तक। वर्षों तक मिले आपके प्यार और समर्थन के लिए दिल से धन्यवाद। मैं हमेशा आपका आभारी रहूंगा।” उन्होंने कहा कि हर शुरुआत का एक अंत होता है और उन्हें महसूस हुआ कि क्रिकेट को अलविदा कहने का यही सही समय है।
अपने संदेश में रहाणे ने डोंबिवली से भारतीय टीम तक के सफर को याद करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा देश को खुद से ऊपर रखा। उन्होंने कहा कि क्रिकेट ने उन्हें सफलता के साथ असफलताओं का सामना करना भी सिखाया, लेकिन प्रशंसकों का प्यार कभी कम नहीं हुआ। अब वह अपने अनुभव अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों के साथ साझा करना चाहते हैं और भारतीय क्रिकेट को कुछ लौटाना चाहते हैं।
अजिंक्य रहाणे के करियर का सबसे यादगार अध्याय 2020-21 का ऑस्ट्रेलिया दौरा रहा। एडिलेड टेस्ट में भारत के 36 रन पर सिमटने और विराट कोहली के स्वदेश लौटने के बाद रहाणे ने टीम की कमान संभाली। मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर उनके शानदार शतक ने भारतीय टीम का आत्मविश्वास लौटाया और इसके बाद भारत ने ऑस्ट्रेलिया को उसी की सरजमीं पर 2-1 से हराकर ऐतिहासिक बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी अपने नाम की।
रहाणे लंबे समय तक विदेशी परिस्थितियों में भारत के सबसे भरोसेमंद टेस्ट बल्लेबाजों में गिने गए। उन्होंने भारत के लिए 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 5,077 रन और 12 शतक, जबकि तीनों प्रारूपों में कुल 8,414 रन और 15 शतक दर्ज हैं। उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला जुलाई 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला गया था। घरेलू क्रिकेट में वापसी की कोशिशों के बावजूद राष्ट्रीय टीम में दोबारा जगह नहीं मिलने के बाद उन्होंने संन्यास लेने का फैसला किया।
satyamorcha.com Hindi News, latest and breaking news in Hindi